केलांग-उदयपुर के बीच पहाड़ी से गिरे हिमखंड को हटाते बीआरओ के जवान। सोशल मीडिया।
कुल्लू। जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में बर्फबारी-बारिश से जनजीवन ठहर सा गया है। दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। तीन दिन से हो रही बर्फबारी से कुल्लू और लाहौल में 156 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इसमें कुल्लू जिले में दो हाईवे के साथ 12 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध है।
सोमवार को हुई बर्फबारी से औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 भी सोझा से आगे खनाग तक सभी तरह के वाहनों के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। लाहौल घाटी में भारी बर्फबारी से 144 सड़कें ठप हो गई हैं। सड़कों के बंद होने से लोगाें को आने वाले दिनों में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 60 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी चादर पड़ने से जनजातीय क्षेत्र लाहौल और पांगी-किलाड़ का संपर्क कुल्लू के साथ देश दुनिया से कट गया है।
सड़कों के साथ बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। कुल्लू में 67 ट्रांसफार्मर जाम हो गए। इसमें मनाली क्षेत्र में 13, कुल्लू में 12 और बंजार इलाके में सबसे अधिक 42 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। ऐसे में जिले में करीब 100 से अधिक गांवों में अंधेरा छा गया है। जनजातीय क्षेत्र लाहौल में चंद्राघाटी के साथ कई इलाकों में ब्लैकआउट है।
यहां पर 159 ट्रांसफार्मरों से बिजली की सप्लाई नहीं हो रही है। लाहौल में तीन दिनों से बर्फबारी होने से ग्रामीण इलाकों का जनजीवन ठहर सा गया है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने सैलानियों और लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों का रुख न करने की हिदायत दी है। उधर, लाहौल घाटी में बर्फीली हवाएं चलने से हिमखंड गिरने का खतरा बढ़ गया है।
एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि जिले की मुख्य और ग्रामीण इलाकों में बंद सड़कों को मौसम खुलने के बाद बहाल किया जाएगा।
केलांग-उदयपुर के बीच पहाड़ी से गिरे हिमखंड को हटाते बीआरओ के जवान। सोशल मीडिया।