मनाली से बुरूआ गांव में भारी बारिश से नाले में आई बाढ़ से सेब के बगीचे को नुकसान हुआ है।
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कुल्लू/मनाली। मनाली के साथ लगती बुरूआ पंचायत में झील बनने से सबसे अधिक तबाही हुई है। बादल फटने की इस घटना में हालांकि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। गांव के साथ करीब 500 मीटर दूर स्थित पहाड़ी पर एक झील बन गई थी। यह झील टूट और बुरूआ पंचायत में लोगों के घरों में मलबा घुसने के साथ सेब, मक्की और गोभी की फसल तबाह हो गई। पंचायत के कई इलाकों में चारों तरफ फैले मलबे तथा पानी को निकालने के लिए ग्रामीणों को अग्निशमन विभाग मनाली की भी मदद लेनी पड़ी है। मंगलवार सुबह अग्निशमन मनाली के प्रभारी प्रेम सिंह की अगुवाई में एक टीम बुरूआ पंचायत पहुंची और लोगों के घरों और रास्तों में घुसे मलबे को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार गांव के करीब एक दर्जन से भी अधिक घरों में मलबा हटाने में टीम देर शाम तक डटी रही। गांव में सेब के बड़े पेड़ों के साथ छोटे पौधों को भी बाढ़ अपने साथ बहाकर ले गई। मक्की के साथ गोभी की फसल भी पूरी तरह से तहस नहस हो गई है। अग्निशमन विभाग मनाली के प्रभारी प्रेम सिंह ने कहा कि गांव के साथ करीब 500 मीटर दूर पहाड़ी पर नाले में भारी बारिश से एक झील बन गई और पानी अधिक जमा होने से झील टूट गई। उन्होंने कहा कि बुरूआ नाला छोटा होने से बाढ़ का मलबा पूरे इलाके में फैल गया और मलबा गांवों के बीचोंबीच घुस गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद भी गांव के लोग सहमे हुए हैं।