सैंज (कुल्लू)। बंजार की शांत वादियों में कुल्लू के राजघराने के सीधे दखल के बाद राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। हितेश्वर सिंह ने 2022 में बंजार से विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। ऐसे में बंजार भाजपा के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। यहां पार्टी तीन धड़ों में बंट गई है।
पार्टी नेतृत्व के सामने बिखराव को रोकने की कड़ी चुनौती है। पंचायती राज चुनाव में राजघराने की छोटी बहू विभा सिंह की जिला परिषद के चुनाव में धमाकेदार जीत के बाद यहां नए समीकरण बन कर उभरे हैं। भाजपा के कद्दावर नेता महेश्वर सिंह के छोटे पुत्र हितेश्वर सिंह जिप के जेष्ठा वार्ड से दो बार आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने वार्ड बदलकर अपनी पत्नी विभा सिंह को भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर धाउगी से मैदान में उतारा था। विभा की जीत के बाद हितेश्वर सिंह को बंजार भाजपा में टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इस सारे घटनाक्रम के बाद बंजार से वर्तमान विधायक सुरेंद्र शौरी असहज है। बंजार विधानसभा क्षेत्र में हितेश्वर सिंह की बढ़ती लोकप्रियता उनको और मजबूत बनाएगी। बंजार विस क्षेत्र कुल्लू राजघराने का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। महेश्वर सिंह और कर्ण सिंह के बाद उनके पुत्र हितेश्वर सिंह और आदित्य विक्रम सिंह बंजार में ही अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। बंजार भाजपा में पूर्व मंत्री खीमीराम शर्मा का गुट भी सक्रिय है। 2022 में खीमीराम को चुनाव लड़ाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है। अंदरखाते खीमीराम का गांवों में जनसंपर्क चल रहा है। बहरहाल टिकट की रेस में राजघराने की एंट्री होने से बंजार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा तीन खेमों में बंट गई है। उधर, जिला भाजपा अध्यक्ष भीमसेन शर्मा ने कहा कि जिले में पार्टी मजबूत है। सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम किया जा रहा है। संवाद