हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने मुख्य अध्यापकों के 400 से अधिक रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरे जाने का मुद्दा उठाया है। संघ के अनुसार मुख्य अध्यापक की पदोन्नति के लिए टीजीटी शिक्षक और पदोन्नत प्रवक्ता काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इन पदों को अतिशीघ्र पदोन्नति द्वारा एकमुश्त भरा जाए। संघ के राज्य प्रधान अमरनाथ धीमान के अनुसार वर्तमान में हिमाचल सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम को लेकर अलग-अलग ब्यान आ रहे हैं। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ इसकी आलोचना करता है।
सरकारी पाठशालाओं में खराब परिणामों के लिए केवल अध्यापकों को दोषी ठहराया जाना उचित नहीं है। वर्तमान में शिक्षकों से पढ़ाने के अतिरिक्त भी बहुत सारा कार्य लिया जाता है। जब तक गैर शिक्षण कार्यों से अध्यापकों को अलग नहीं किया जाता बेहतर परिणामों की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। इसके साथ ही बहुत सी पाठशालाओं में अध्यापकों, मुख्य अध्यापकों व प्रधानाचार्य के पद लंबे समय तक रिक्त पड़े हैं। यह भी खराब परिणामों का एक कारण है। इस अवसर पर संघ के महासचिव बिहारी लाल पराशर, वित्त सचिव राजकुमार शर्मा, उप प्रधान रत्नेश्वर सलारिया, यशवीर जंबाल, नंद लाल शर्मा, भूपिंद्र सिंह चौहान, राजिंद्र ठाकुर, मनोज कुमार, हमीरपुर जिला प्रधान केवल ठाकुर, कुल्लू प्रधान पूर्ण चंद शर्मा, मंडी जिला महासचिव महेंद्र गुप्ता ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए मुख्याध्यापकों के सभी रिक्त पद पदोन्नति द्वारा अतिशीघ्र भरने की मांग भी की है।