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बाढ़ से बंद रोहाचला-जुहड़ सड़क को बजट देगा प्रशासन

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कुल्लू। लगातार बारिश ने जिला वासियों की चिंता को बढ़ा दिया है। बारिश के कारण बागवानी, कृषि कार्य नहीं हो रहे हैं। वहीं बरसात के मौसम में किसान-बागवानों के साथ आम लोगों को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। जिला कुल्लू की रघुपुर घाटी में बादल फटने के बाद हुए नुकसान से लोग सहमे हुए हैं। रोहाचला-फनौटी-जुहड़ सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा बाढ़ में तहस-नहस होने से पंचायत के आधा दर्जन गांवों में करीब एक हजार सेब की पेटियां फंस गई हैं। वहीं बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। जिला प्रशासन ने बंद सड़क को बहाल करने के लिए बजट जारी करने की बात कही है। प्रशासन ने राजस्व विभाग से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है।
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पंचायत के फनौटी, उपली फनौटी, जुहड़, दपांदा, झाकडूपानी आदि गांवों के किसानों-बागवानों को अपने उत्पाद को मंडियों तक पहुंचाने के लिए रोहाचला-फनौटी-जुहड़ सड़क एकमात्र विकल्प है। सड़क के बंद होने से बागवान चिंतित हैं। पंचायत द्वारा निकाली गई सड़क को अब ग्रामीण जल्द खोलने के लिए धन की मांग कर रहे हैं और साथ ही इस सड़क को लोनिवि के तहत डाल कर इसका उद्घाटन करवाने की मांग कर रहे हैं। फनौटी गांव के बागवान रमेश ठाकुर, जगदीश ठाकुर, ताबे राम तथा टिकम राम ने कहा कि बादल फटने से खड्ड में आई बाढ़ से सड़क के साथ फनौटी, निचली फनौटी व बनाला गांव को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी बह गए हैं। जिसे इन गांवों का संपर्क भी दूसरे गांवों से कट गया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों मटर की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं बिशलाधार को जोड़ने वाली पेयजल स्कीम भी तहस-नहस हो गई है। उन्होंने सड़क को जल्द बहाल करने की मांग की है। स्थानीय पंचायत के वार्ड सदस्य सोहन लाल नेगी ने कहा कि सड़क के बंद होने से पंचायत में करीब एक हजार सेब की पेटियां फंस गई हैं।
उधर उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बादल फटने से अवरुद्ध हुई सड़क को बहाल करने के लिए प्रशासन की तरफ से बजट जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है।
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