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मंडी में भूस्खलन से रात भर फंसी रहीं कुल्लू की लंबे रूट की 21 बसें

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। मनाली-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी जिले के सात मील में पहाड़ी से भूस्खलन हुआ, जिससे एचआरटीसी कुल्लू डिपो की लंबे रूटों की 21 बसों में 600 यात्री रात भर फंसे रहे।
भूस्खलन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे कुल्लू की लंबे रूट की फंसी बसों को वैकल्पिक मार्ग कुल्लू-मंडी वाया कटौला होकर भी नहीं भेजा जा सका। सैकड़ों पर्यटकों और मुसाफिरों को सड़क खुलने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ा। उनका यह इंतजार करीब 12 घंटे के बाद समाप्त हुआ।
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मनाली से दिल्ली और दिल्ली से मनाली आ रही वोल्वो समेत चंडीगढ़, हरिद्वार, जम्मू आने-जाने वाली नौ साधारण बसें भी अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पाई हैं। पर्यटकों समेत अन्य यात्रियों को करीब 12 घंटे बसों में बिताने पड़े।
बता दें कि मंडी जिले के सात मील में बार-बार पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते सड़क पर वाहनों के पहिये थम रहे हैं। सात मील में वीरवार शाम 7:00 बजे भूस्खलन हुआ, जिससे एचआरटीसी कुल्लू डिपो की 21 बसें भी फंस गई थी, जो शुक्रवार सुबह 7:00 के बाद निकल पाई। मनाली से चंडीगढ़, दिल्ली, हरिद्वार और दिल्ली, चंडीगढ़ व हरिद्वार से मनाली आ रही 12 वोल्वो बसें अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पाई।
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दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार, जम्मू, जालंधर और शिमला से आने-जाने वाली नौ साधारण बसें भी यहीं फंसी रही। सात मील में भूस्खलन होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भूस्खलन के कारण लंबा जाम लगा रहा, जिसके कारण जाम में फंसी इन बसों को वैकल्पिक मार्ग कुल्लू-मंडी वाया कटौला से भी संचालित नहीं किया जा सका। हालांकि निगम ने भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद जाने वाली लंबे रूटों की बसों को वाया कटौला-मंडी होते हुए भेजा, जिससे कई बसें जाम में फंसने से बच गई। उधर, इस संबंध में निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि कुल्लू डिपो की लंबे रूटों की 21 बसों में 600 से अधिक सवारियां फंसी रहीं।
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