अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में राज्य के लोगों सुविधा मिलने की संभावना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान 3 अक्तूबर को एम्स में कई बड़ी सौगातें देंगे। इस संस्थान में कई नई सुविधाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद नड्डा पहली बार बिलासपुर आ रहे हैं। वह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट बिलासपुर एम्स भी जाएंगे। बताते चलें कि जुलाई में दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण के लिए बिलासपुर पहुंची थी। केंद्र सरकार ने एम्स बिलासपुर प्रबंधन को दिशा-निर्देश दिए थे कि यहां किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को शुरू करें, जिसके बाद प्रबंधन ने दिल्ली एम्स की टीम से निरीक्षण के लिए आग्रह किया था। टीम ने निरीक्षण के बाद सुविधा शुरू करने के सभी मानक सही पाए। हालांकि टीम ने लिखित रिपोर्ट नहीं दी है, जिसका एम्स प्रबंधन इंतजार कर रहा था, लेकिन अब जानकारी मिली है कि यह प्रक्रिया फाइनल स्टेज पर है। नड्डा के दौरे से पहले उसे पूरा कर लिया जाएगा।
किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए यहां के विशेषज्ञों, नर्सिंग ऑफिसर की टीम दिल्ली एम्स में डेढ़ माह की ट्रेनिंग कर चुकी है। नेफ्रोलॉजी विभाग में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के पद भी भरे जा चुके हैं। वर्तमान में यहां पांच डायलिसिस मशीनें काम कर रही हैं। नेफ्रोलॉजी सेवाओं में किडनी बायोप्सी, टनल्ड हेमोडायलिसिस कैथेटर की भी सुविधा मिल रही है। वहीं 5 अक्तूबर को एम्स का स्थापना दिवस है। पिछले ढाई साल में यहां कई बड़ी सेवाएं लोगों के लिए शुरू की गईं हैं। इनमें कई विभागों की आईपीडी, कार्डियोलॉजी जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। यहां कैंसर मरीजों को उच्च स्तरीय रेडियोथेरेपी की सुविधाएं दी जा रही हैं। रेडियोथेरेपी ब्लॉक में हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलरेटर, ब्रेकी थेरेपी, फोर-डी सिटी सिम्युलेटर जैसी उन्नत तकनीक से चिकित्सा प्रदान की जा रही है।