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स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी पर भी सैलानी न माने से होटल कारोबारी मायूस

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धर्मशाला। लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे होटल कारोबारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन इस वीकेंड पर बेहद कम संख्या में पर्यटकों के आने से उनकी यह उम्मीद भी टूट गई है।
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इस वीकेंड पर मैक्लोडगंज-भागसूनाग में होटलों में ऑक्यूपेंसी पांच फीसदी ही रही। इससे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को पांच से सात करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। होटल कारोबारियों विशाल, अंकू और मनु ने बताया कि इस 15 अगस्त को बड़ी संख्या में पर्यटक आने की उम्मीद थी।
ऐसे में आने वाले तीन चार दिनों तक अच्छा कारोबार होने की संभावना थी। इसके बावजूद पर्यटक बेहद कम संख्या में यहां घूमने आए हैं। होटल कारोबारियों ने बताया कि यह सीजन उनके लिए घाटे वाला ही साबित हुआ है। अब तो नौबत यहां तक आ गई है कि स्टाफ को तनख्वाह, बिजली-पानी के बिलों के भुगतान के साथ-साथ बैंक से लिए कर्ज की किस्तें भरना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि अब ज्यादा बारिशें भी नहीं हो रही हैं। पर्यटन नगरी मैकलोडगंज-भागसूनाग में इन दिनों मौसम बेहद खुशनुमा बना हुआ है। इसके बावजूद मैदानी राज्यों से यहां आने से पर्यटक कतरा रहे हैं। 12 जुलाई को भागसूनाग में बारिश के बाद वायरल हुए फेक वीडियो को होटल कारोबारी सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं। वहीं, होटल कारोबारियों का मानना है कि सरकार ने प्रदेश में प्रवेश के लिए कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है। इसके कारण भी पर्यटकों की आमद कम हुई है।
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होटलों से 30-40 फीसदी स्टाफ निकाला
लगातार आर्थिक मंदी झेल रहे होटल कारोबार का बुरा असर अब रोजगार पर भी पड़ने लगा है। होटल-ढाबों और रेस्तरां की कमाई घटने के कारण अब बहुत से मालिक अपने कर्मचारियों को भी निकालने लग पड़े हैं। होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन मैकलोडगंज के प्रेसिडेंट अश्विनी बांबा ने बताया कि आर्थिक बदहाली झेल रहे होटल कारोबारियों ने मजबूरन अब स्टाफ में कटौती करनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 30 से 40 फीसदी स्टाफ को निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि अगर पर्यटन कारोबार पर इसी तरह मार पड़ती रही, तो आने वाले समय में कर्मचारियों की संख्या में और कटौती करनी पड़ सकती है।
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