चंबा बीआसीसी कार्यालय सभागार में बैठक के दौरान मौजूद प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी और सदस्
चंबा। प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पुनीत निराला ने खुलासा किया है कि प्रदेश भर के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के करीब तीन हजार पद खाली हैं।
सरकार इन पदों को नहीं भर रही है। स्थिति ऐसी बन गई है कि अभिभावक शिक्षक न होने पर बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में करवा रहे है। वह चंबा में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
निराला ने कहा कि सरकार न शिक्षकों की कमी दूर कर रही है और न ही उनकी मांगों को पूरा कर रही है। प्रदेश के 6300 प्री प्राइमरी स्कूलों में कक्षाएं चल रही हैं। छह साल बाद भी इन स्कूलों के लिए अध्यापकों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। वर्ष 2018 से प्रदेश भर में प्री प्राइमरी कक्षाएं सरकार की ओर से शुरू की गई हैं। वर्तमान में स्थिति ऐसी है कि जहां बच्चों की संख्या बीस है, वहां दूसरा शिक्षक सरकार और विभाग की ओर से तैनात नहीं किया जा रहा है। एक ही शिक्षक के सहारे व्यवस्था चलाई जा रही है। ऐसे में शिक्षक पर कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बंद और विलय हुए स्कूलों के स्टाफ को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल में स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने मुख्य शिक्षक प्रमोशन पर मिलने वाले वित्तीय लाभों को बहाल करने की मांग भी उठाई है। कहा कि अनुबंध अध्यापकों को पहले की तरह साल में दो बार नियमित किया जाए। उन्होंने खेलकूद प्रतियोगिता के बहाल की मांग भी की है। इस मौके पर जिला महामंत्री देव राज ठाकुर, वरिष्ठ उप प्रधान इम्तियाज खान, जिला सलाहकार सहित विभिन्न खंडों के प्रधान और महासचिव मौजूद रहे।