धर्मशाला। कोरोना महामारी से असरदार तरीके से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों में 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने का फैसला लिया है। 10 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में अभी तक जिला कांगड़ा में एक भी डोज नहीं लग सकी है।
बूस्टर डोज के लिए निजी अस्पतालों में लगातार मांग आ भी रही है। इसके बावजूद प्रबंधन स्तर पर वैक्सीनेशन को लेकर असमंजस की स्थिति के कारण अभी तक जिला कांगड़ा में कोई भी अस्पताल वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो सका है।
केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार यह बूस्टर डोज देश के निजी संस्थानों में लगाई जानी थी। 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों के लिए यह बूस्टर डोज लगवाने के लिए अपनी जेब से पैसे चुकाने होंगे। जिला कांगड़ा में ऐसे तीन निजी अस्पताल हैं, जहां कोरोना वैक्सीनेशन हुआ। इनमें कांगड़ा का फोर्टिस अस्पताल, आनंद अस्पताल और मैक्लोडगंज में डेलेक अस्पताल का नाम शामिल है। इन अस्पतालों का प्रबंधन अब तक वैक्सीनेशन को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं ले सका है। इसके चलते जिला कांगड़ा में अब तक 18 वर्ष से ऊपर की आयु के एक भी व्यक्ति को यह बूस्टर डोज नहीं लग सकी है।
देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण और कोरोना के घातक वैरिएंट ओमीक्रॉन के आने के बाद 10 अप्रैल से बूस्टर डोज लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसे कोरोना की तीसरी खुराक या प्रिकॉशन डोज भी कहा जाता है। यह डोज कोरोना वॉरियर्स और 60 साल से अधिक उम्र के अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को मुफ्त में दी जा रही है।
केंद्र सरकार के अगले फैसले का इंतजार : डॉ. सोनम
मैक्लोडगंज स्थित डेलेक अस्पताल में कोविड वैक्सीनेशन के प्रभारी डॉ. सोनम ने बताया कि उन्हें जोनल अस्पताल धर्मशाला से ही वैक्सीन की सप्लाई होती है। अभी तक केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार निजी अस्पतालों में यह डोज खुद वैक्सीन निर्माता संस्थानों से खरीद कर लगानी होगी। ऐसे में जोनल अस्पताल से फिलहाल यह सप्लाई संभव नहीं है। अस्पताल फिलहाल स्वयं यह वैक्सीन खरीदने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में भारत सरकार के अगले आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ही लेगा फैसला: राकेश
फोर्टिस अस्पताल के मार्केटिंग विभाग के प्रमुख राकेश ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने के लिए उन्हें कॉल्स आ रही हैं। इस पर अस्पताल प्रबंधन विचार कर रहा है। वैक्सीनेशन शुरू करने का अंतिम फैसला अस्पताल प्रबंधन ही लेगा।
दूसरी डोज के नौ महीने बाद लगेगी बूस्टर डोज
कोरोना की दूसरी डोज लगने के 9 महीनों के बाद ही बूस्टर डोज यानी एहतियाती डोज लगेगी। अगर आपने कोरोना की दोनों खुराक ले ली हैं तो आपका रजिस्ट्रेशन पहले ही हो रखा होगा। जिन लोगों को दोनों डोज लग चुकी होंगी, उन्हें कोविन की तरफ से मैसेज आएगा। इसके बाद आपको कोविन डॉट जीओवी डॉट इन वेबसाइट पर जाकर वैक्सीन सेंटर का चुनाव कर स्लॉट बुक करना होगा। यहां आप ने अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भरना है। इस पर एक ओटीपी आएगा। उसे वहां भरने पर यह दिख जाएगा कि अभी आपको 9 महीने हुए हैं या नहीं।
इम्युनिटी को मजबूत करेगी बूस्टर डोज
कोरोना का वायरस कभी मरता नहीं हैं। ऐसे में इससे बचाव के लिए वैक्सीन ही एक कारगर उपाय माना गया है। अध्ययन से पता चला है कि एक समय बाद इन टीकों की सुरक्षा कम हो सकती है। बूस्टर डोज न केवल प्रतिरक्षा को बढ़ाता है, बल्कि ओमीक्रॉन जैसे वैरिएंट के खिलाफ भी आपकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया मजबूत करने में मदद करता है।