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सुबह चार बजे खुलेंगे कपाट, गर्भगृह तक नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु

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शरद नवरात्र के लिए सजाया ज्वालामुखी मंदिर - फोटो : Kangra
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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शक्तिपीठ ज्वालामुखी में वीरवार को पारंपरिक झंडा रस्म और श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ शारदीय नवरात्र शुरू हो जाएंगे। मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुलेंगे। आरती के बाद छह बजे से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस बार नई एसओपी के तहत गर्भ गृह में प्रवेश नहीं हो पाएगा। श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन कर पाएंगे।
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मंदिर न्यास ज्वालामुखी ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं, ताकि कोई असुविधा न हो। मंदिर में तैयारियों जोरशोर से जारी है। रंग-बिरंगी लाइटें लगाने का कार्य किया जा रहा है। मंदिर सुबह दर्शनों के लिए छह बजे खुलेगा और रात 10 बजे बंद होगा। मंदिर में नियमानुसार पांच बार आरती, भोग प्रसाद लगाया जाएगा।
श्रद्धालु पर्ची लेकर ही दर्शन कर पाएंगे, जबकि पुजारी वर्ग अपनी पारंपरिक ड्रेस धोती-कुर्ता में हाेंगे। तहसीलदार एवं मंदिर कार्यकारी अधिकारी दीनानाथ ने बताया कि ज्वालामुखी मंदिर में वीरवार से शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इसके चलते व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को एसओपी के तहत ही दर्शन करवाए जाएंगे। श्रद्धालुओं का पंजीकरण मिनी सचिवालय के साथ बनी नई पार्किंग में होगा। वहां काउंटर लगाए गए हैं। कोविड की निगेटिव रिपोर्ट या दो डोज वैक्सीन सर्टिफिकेट देखने के बाद ही पर्ची बनाई जाएगी और श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए भेजा जाएगा। श्रद्धालु मास्क और सामाजिक दूरी में ही दर्शन करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से शहर को चार सेक्टर में बांटा गया है। मंदिर और शहर की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त 50 सुरक्षाकर्मी और मंदिर में अतिरिक्त 30 कर्मी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था सही करने के लिए अतिरिक्त कर्मी तैनात होंगे। बड़े वाहनों को शहर के बाहर बने चिह्नित पार्किंग स्थलों में रोका जाएगा। निशुल्क दवाइयों का काउंटर भी लगाया जाएगा। मंदिर मार्ग नंबर एक पर वाहनों की आवाजाही पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगी। मंदिर में नारियल मुख्य गेट से बाहर ही रखा जाएगा। केवल सूखा प्रसाद ही मंदिर ले जा सकेंगे।
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नवरात्र के लिए ताजे फूलों से सजा मां चामुंडा का दरबार
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में सात अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक चलने वाले शारदीय नवरात्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि पूरे मंदिर को ताजे फूलों से सजाया गया है। दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खोले जाएंगे और रात 10 बजे बंद किए जाएंगे। इस बार 51 विद्वान पंडितों के अलावा पहली बार 15 संस्कृत विद्यालय के छात्र भी यज्ञ अनुष्ठान में भाग लेंगे। नवरात्र के दौरान गणेश वंदना, गायत्री पाठ, शतचंडी, गीता पाठ, रुद्राभिषेक और रामायण पाठ आदि किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को कोविड-19 एसओपी के तहत दर्शन करवाए जाएंगे। श्रद्धालु की स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर किसी श्रद्धालु का तापमान अधिक निकलता है, उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडोई भेजा जाएगा। मंदिर में हथियार ले जाने, प्रसाद चढ़ाने, भजन-कीर्तन करने, जागरण करने, बाण गंगा में नहाने और गर्भ गृह जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। इस बार चामुंडा प्रांगण में एलसीडी के साथ आठ अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इस बार भी सफाई व्यवस्था का जिम्मा सुलभ शौचालय को दिया गया है। श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिए आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बडोई को 24 घंटे खुला रखा जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था मेला ग्राउंड डाढ़ व बडोई में की गई है।
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बज्रेश्वरी मंदिर में गर्भ गृह तक जा सकेंगे श्रद्धालु
कांगड़ा। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही दर्शन करवाने की व्यवस्था रहेगी। मंदिर में भंडारे पर प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालु गर्भ गृह में दर्शन कर सकेंगे। मंदिर में सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध चाक चौबंद होंगे। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खुल जाएंगे। रात करीब नौ बजे तक कपाट बंद होंगे। मंदिर में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दो गज की दूरी हर यात्री के बीच होगी। शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत ही दर्शन होंगे। एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि मंदिर को फूलों से सजाने के लिए एक श्रद्धालु ने सहायता की है। मंदिर में प्रसाद ले जा सकते हैं। प्रसाद वापस भी मिलेगा। नारियल ले जाने पर पाबंदी है। कोविड नियमों की पूरी अनुपालना करवाई जाएगी। मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खुल जाएंगे। घंटी बजाने पर प्रतिबंध रहेगा और लंगर का आयोजन भी नहीं होगा। मंदिर परिसर में यात्री कोविड नियमों के अनुरूप ही दर्शन करेंगे। यात्रियों की सुरक्षा से लेकर उनके स्वास्थ्य जांच तक की पूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
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