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चक्की पुल के पिल्लरों के साथ बने 40 फुट गहरे खड्डे, हाईवे की जमीन धंसी

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पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर खतरे की जद में आए चक्की सड़क पुल के दो पिल्लर। संवाद - फोटो : Kangra
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कंडवाल(कांगड़ा)। चक्की खड्ड पर रेलवे पुल के बहने और पंजाब की तरफ से एनएच-154 पर बने पुल के पहले पिलर के पास लगभग 40 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। इस कारण उसके आसपास की जमीन के धंसने के कारण पुल को खतरा पैदा हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से चक्की पुल पर यातायात को एक बार फिर से रोक दिया गया है। अब यहां से ट्रैफिक को वाया लोधवां डायवर्ट कर दिया गया है।
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फिलहाल सेना की तीन और कंपनी की चार पोकलेन मशीनों से पानी का बहाव बदला जा रहा है। गौरतलब है कि रेलवे पुल बहने के चार दिन बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और एनएच पर बने पुल को यातायात के लिए बहाल कर दिया था। लेकिन पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण और चक्की खड्ड के नाले का रूप लेने के कारण अब पानी का बहाव और तेज हो गया है। मिट्टी का कटाव भी तेज रफ्तार से रहा है। ऐसे में एक बार फिर से यहां से वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है। इसका असर गरीब दिहाड़ीदार, नौकरीपेशा, स्कूल व कॉलेज मे शिक्षा ग्रहण करने वालों पर पड़ेगा। इन्हें अतिरिक्त किराया खर्च कर अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। इसमें समय भी ज्यादा लगेेगा।
हिमाचल पुलिस के जवानों ने कंडवाल बैरियर पर बैरिकेड लगाकर ट्रैफिक को वाया लोधवां मोड़ दिया है। वहीं, पंजाब पुलिस के जवानों ने भी पंजाब की तरफ से बैरिकेड लगाकर ट्रैफिक को रोक दिया है, जिससे किसी अनहोनी घटना से बचा जा सके।
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पानी डायवर्ट करने को सेना कर रही सहयोग
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पालमपुर कार्यालय के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कर्नल अनिल सेन ने बताया कि चक्की खड्ड में पानी को डायवर्ट करने के लिए सेना की तरफ से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। वीरवार को सेना ने तीन पोकलेन मशीनें भी उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने कहा कि पानी के बहाव को डायवर्ट करने का युद्ध स्तर पर काम जारी है।
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