जसूर (कांगड़ा)। जसूर में 910 मीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण चार साल बाद भी अधर में है। वर्ष 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2024 तक पूरा होना था लेकिन अब तक इसे दो बार एक-एक साल का एक्सटेंशन मिल चुका है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर काम में कोई खास तेजी नहीं दिख रही है।
हाईटेंशन तारों को ऊंचा उठाने की मंजूरी न मिलने से शुरुआती दौर में छह पिलरों का काम साल भर अटका रहा। अब मंजूरी मिलने के बाद भी मौके पर सुस्ती छाई है। त्योहारों के नजदीक आते ही व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। एक-एक लेन बंद कर काम करने से बाजार में जाम लग रहा है। पार्किंग न मिलने से खरीदार दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे स्थानीय व्यापार चौपट होने की कगार पर है। व्यापारियों रॉकी, मुकुल, राकेश, नंदू, सूरज, कल्लू शर्मा और नितिन का कहना है कि कुछ समय पहले काम ने रफ्तार पकड़ी थी, लेकिन अब फिर सुस्ती छा गई है।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति
कुल पिलर: 32
मौके पर संसाधन: निर्माण स्थल पर मात्र आठ से 10 श्रमिक ही कार्यरत।
व्यापारियों की आशंका: मौजूदा धीमी गति से अगले दो वर्षों में भी काम पूरा होना मुश्किल।
सड़क की स्थिति: एक समय में एक ही लेन खुली रहने से लगातार बाधित हो रहा यातायात।
-
निर्माण स्थल पर मात्र आठ से दस मजदूर काम कर रहे हैं। इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए यह संख्या नाकाफी है। प्रशासन और एनएचएआई कंपनी को तुरंत लेबर बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी करे। -राजू महाजन, प्रधान, व्यापार मंडल जसूर
हाईटेंशन तारों को ऊंचा करने के लिए पटियाला भेजा गया आवेदन स्वीकृत हो गया है। जल्द ही तारों को ऊंचा उठाने का काम पूरा होगा जिससे निर्माण कार्य को गति मिलेगी। -वीरेंद्र प्रसाद, रेजिडेंट इंजीनियर, एनएचएआई जसूर
जसूर में हाई टेंशन वायर को ऊंचा ना किये जाने से अटका हुआ पिलरों की कैपिंग का कार्य। संवाद