बीड़ (कांगड़ा)। बरसात खत्म होने के बाद बीड़-बिलिंग में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो चुकी है लेकिन मौसम की बेरुखी ने रफ्तार थाम दी है। आमतौर पर इस समय आसमान में रंग-बिरंगे पैराग्लाइडरों का मेला लग जाता था। इस बार अब तक करीब 40 विदेशी पायलट ही लंबी दूरी (क्रॉस-कंट्री) की उड़ानों के लिए यहां पहुंचे हैं। वे भी मौसम खराब होने से मनमाफिक उड़ानें नहीं भर पा रहे हैं।
सप्ताहांत (वीकेंड) पर बीड़-बिलिंग में होटलों की ऑक्यूपेंसी लगभग 80 फीसदी तक दर्ज की गई। इसके बावजूद पैराग्लाइडिंग की हसरत लेकर पहुंचे पर्यटकों को मायूसी हाथ लगी। हालांकि शनिवार को और रविवार सुबह कुछ उड़ानें संभव हुईं लेकिन ज्यादातर पर्यटक बिना उड़ान भरे ही लौटने को मजबूर हुए।
बरसात के बाद 15 से 20 दिन का समय पैराग्लाइडिंग के लिए सबसे मुफीद माना जाता है, जब न अधिक ठंड होती है और न गर्मी। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फिलीपींस, कजाकिस्तान, रूस, बुल्गारिया और कनाडा सहित कई देशों के पायलट घाटी में डेरा डाले हुए हैं। कई अन्य पायलट मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
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बीड़-बिलिंग से जुड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड और खासियत
विश्व रिकॉर्ड: विदेशी पायलट फिलिप के नाम बीड़-बिलिंग से एक दिन में 281 किलोमीटर की सबसे लंबी उड़ान का रिकॉर्ड दर्ज है।
दुनिया में दूसरा स्थान: विश्व में सुरक्षित लंबी दूरी की उड़ानों के लिए केवल दो जगहें ही सबसे अनुकूल मानी जाती हैं। पहली अफ्रीका में और दूसरी एशिया में बीड़-बिलिंग।
विदेशी पायलटों की पसंद: इन दिनों जिन देशों में कड़ाके की ठंड होती है, वहां के पायलट लंबी दूरी की उड़ानों के लिए बीड़-बिलिंग को प्राथमिकता देते हैं।