शिक्षा विभाग के उपनिदेशक (उच्च शिक्षा) कमल किशोर गुप्ता ने कहा कि बच्चों को ऐसे पढ़ाया जाए कि वे स्वयं ही सरकारी स्कूलों की तरफ खिंचे चले आएं।
उन्होंने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जवाली और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मतलाहड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपनिदेशक ने स्कूल के समस्त रिकॉर्ड को चेक किया। इसके बाद कक्षाओं में जाकर बच्चों से भी विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। उन्होंने अध्यापकों के पढ़ाने की विधि को भी परखा और सरल ढंग से बच्चों को पढ़ाने के के टिप्स दिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में दिनों दिन बच्चों की संख्या कम होती जा रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सरल बनाने के लिए प्रयत्नशील है। बावजूद इसके भी बच्चों की संख्या कम होती जा रही है। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
अध्यापकों को निर्देश दिए गए कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, जिससे वार्षिक परीक्षा परिणाम अच्छे आएं और बच्चों को रुझान सरकारी स्कूलों की तरफ बढ़े।
इस मौके पर मतलाहड़ स्कूल के प्रधानाचार्य यशपाल सिंह, गुगलाड़ा स्कूल के प्रिंसिपल सुरेश शर्मा, जवाली स्कूल के प्रिंसिपल जोगिंद्र सिंह बग्गा, गंगथ स्कूल के प्रिंसिपल शक्ति चंद, सुखार स्कूल के प्रिंसिपल नारायण सिंह उनके साथ रहे। प्रिंसिपल एसोसिएशन की तरफ से मतलाहड़ स्कूल में प्रिंसिपल ने संयुक्त रूप से डिप्टी डायरेक्टर कमल किशोर गुप्ता को सम्मानित किया गया।