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कहीं बिजली गुल, कहीं बस सेवा ठप

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नड्डी में बर्फबारी के बीच विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में जुटे कर्मचारी। -संवाद - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण शीतलहर तेज हो गई है। स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं, वहीं पर्यटक बर्फ में खूब मस्ती कर रहे हैं। सोमवार सुबह से ही जिले के पहाड़ों में बर्फबारी का दौर जारी रहा, जबकि निचले क्षेत्रों में रिमझिम बारिश होती रही। वहीं दुर्गम क्षेत्र मुल्थान और बरोट के चार रूटों पर बस सुविधा बंद रही। इसके अतिरिक्त शनिवार से हो रही बर्फवारी और बारिश के कारण बरोट के एक दर्जन गांवों में अभी भी बिजली गुल है। लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
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जानकारी के अनुसार विद्युत उपमंडल बरोट के अधीन मुल्थान तहसील की बड़ा गांव, कोठीकोढ़ पंचायतों के एक दर्जन गांवों में तीन दिन से भारी बर्फबारी के कारण बिजली के तारें टूटने से करीब एक दर्ज गांव अंधेरे में डूबे हैं। बड़ागांव पंचायत के पूर्व प्रधान मंगत राम, हरी सिंह, होशियार सिंह, पूर्व प्रधान इंद्र सिंह, लाल सिंह, प्रेम चंद और रूपलाल ने बताया की दो पंचायतों के राजगुंधा, कुकड़ गुंधा, मलाह, कोठीकोढ़, नलहोता, कोली रोलिंग, बड़ागांव, उपरली कोठी कोढ़ गांव में इस समय तीन फीट के करीब बर्फ है। लोगों ने बताया कि रविवार रात को भी इन गांवों में 5 से 10 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। वहीं छोटा भंगाल की मुल्थान-बड़ागांव सड़क, मुल्थान-लोहारड़ी, बरोट-मियोट, बोचिंग-रोलिंग सड़कों में बर्फवारी के कारण बस सेवा बंद है।
उधर, विद्युत उपमंडल बरोट के कनिष्ठ अभियंता रमेश ठाकुर ने बताया कि इन दुर्गम गांवों में छह ट्रांसफार्मर बर्फ के कारण बंद हैं और एक किलोमीटर क्षेत्र तक तार टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी बिजली सप्लाई बहाल करने में जुटे हैं।
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एक किमी पैदल चले सैलानी और स्थानीय लोग
पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज की डल झील से आगे अत्यधिक बर्फ और सड़क पर फिसलन होने के कारण वाहनों को डल झील से पहले रोक दिया गया। इसके चलते नड्डी जाने वाले लोगों व पर्यटकों को पैदल करीब एक किलोमीटर से अधिक का सफर तय करना पड़ा। वहीं टैंगल बोर्ड से ही जाम की स्थिति बन गई थी, जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा नड्डी-मैक्लोडगंज में बर्फ के बीच बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही। बिजली बोर्ड के कर्मचारी खराब मौसम के बीच भी विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने में जुुटे रहे।
पेयजल स्त्रोत हुए रिचार्ज, किसानों बागवानों के भी खिले चेहरे
जिले के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से किसानों-बागवानों ने राहत की सांस ली है। जनवरी महीने में हो रही बर्फबारी से सेब समेत सभी फलों के पौधों को फायदा होगा। बारिश के चलते पेयजल स्रोतों में भी जलस्तर बढ़ा है। जनवरी में अच्छी बारिश का फायदा गर्मियों में भी मिलेगा। लोग बारिश के बाद अब खेती संबंधी काम भी शुरू कर सकेंगे। कृषि और बागवानी के लिए बर्फ और बारिश संजीवनी मानी जा रही है।
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