तालाब से एलिगेटर बीड्स और जलकुंभी बूटी को उखाड़कर लगाए गए ढेर। -संवाद
राजा का तालाब (कांगड़ा)। कस्बा राजा का तालाब की ऐतिहासिक धरोहर करीब दो हेक्टेयर में फैले तालाब का कायाकल्प अब तीन चरणों में होगा। प्रशासन ने इसके लिए 2.25 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है, जबकि 75 लाख का टेंडर जारी हो चुका है।
तालाब में फैली एलिगेटर बीड्स और जलकुंभी को हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनों से सफाई कार्य शुरू हो गया है। जलशक्ति विभाग फतेहपुर के अधिशासी अभियंता विपिन लूना ने कहा कि प्रथम चरण का कार्य शुरू हो चुका है। पहले चरण में कॉलोनियों से आने वाले गंदे पानी के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया जाएगा और साफ पानी ही तालाब में डाला जाएगा। दूसरे चरण में तालाब की पूरी सफाई और तीसरे चरण में इसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें सोलर लाइट, रेलिंग, घाट और बोटिंग की सुविधा शामिल है। तालाब के पुनरुद्धार में तेजी लाने के लिए राज्य योजना बोर्ड उपाध्यक्ष भवानी पठानिया के प्रयासों से 6 दिसंबर 2024 को लेक मैन ऑफ इंडिया आनंद मल्लिगावाड़ का दौरा भी करवाया गया था।
उन्होंने इसे सुंदर झील का आकार देने की सलाह दी थी, जिस पर प्रशासन ने नई रणनीति बनाई। पूर्व में भी इस तालाब को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए गए थे, जिनमें जेसीबी मशीन से खुदाई और दवाओं के छिड़काव शामिल थे।