जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग कांगड़ा ने आबकारी एवं कराधान विभाग को दिए आदेश
उपभोक्ताओं के दो अलग-अलग विवादों पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग कांगड़ा ने राहुल कुमार और चरणजीत कौर के दो अलग-अलग विवादों में अंतरिम आदेश पारित कर दिए हैं। इन आदेशों में जिला सहायक उपायुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग हिमाचल प्रदेश को कहा गया है कि 13 अगस्त, 2024 के बाद जिला कांगड़ा में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर न्यूनतम खुदरा मूल्य के साथ-साथ अधिकतम खुदरा मूल्य भी स्पष्ट रूप से इंगित किया जाए। इसके अलावा इससे प्राप्त होने वाले लाभांश को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की खंडपीठ ने सुनाई के दौरान पाया कि लीगल मेट्रोलॉजी (पॉकेट कमोडिटीज) नियम 2011 के तहत खुदरा बिक्री मूल्य में यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए कि यह सभी करों सहित अधिकतम खुदरा मूल्य है। शिकायतकर्ताओं ने उपभोक्ता आयोग के पास शराब की बोतलों पर ठेकों में अधिक मूल्य वसूलने की शिकायतें की है, जिसकी अगली सुनवाई 13 अगस्त को होनी है। ज्ञात रहे की हिमाचल प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति आने के बाद उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में है और उपभोक्ता आयोग के समक्ष ऐसी बहुत सी शिकायतें आ रही है।