धर्मशाला। जिला कांगड़ा सहित देश और प्रदेश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई लोग सुरक्षा कवच के रूप में कोरोना वैक्सीन लेने से हिचक रहे हैं। जिले में अब तक 46,008 लोगों ने कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली है।
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड वैक्सीनेशन सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए कोविन पोर्टल की शुरुआत की है। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक कोरोना वैक्सीन की कुल 27,93,476 डोज लोगों को दी जा चुकी है। इनमें से 13,65,569 लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली है। वहीं, 13,19,561 लोगों ने ही वैक्सीन की दूसरी डोज ली है। इस लिहाज से अब तक जिला कांगड़ा के 46,008 लोगों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली है।
इसके अलावा वैक्सीन की एहतियातन यानी बूस्टर डोज के प्रति भी लोग सुस्त रवैया अपना रहे हैं। जिला कांगड़ा में मंगलवार तक 1,08,346 लोगों ने ही बूस्टर डोज ली है। बूस्टर डोज में पिछड़ने का एक कारण यह माना जा रहा है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों को ही यह मुफ्त में लग रही है। बाकी लोगों को इसके लिए स्वयं के पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती डोज अनिवार्य है। इससे शरीर में संक्रमण से लड़ने के लिए इम्यूनिटी मजबूत होती है। इससे कोरोना का संक्रमण व्यक्ति को अपनी चपेट में नहीं ले सकता और अगर कोई संक्रमित हो भी जाए, तो बीमारी गंभीर रूप धारण नहीं करती। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सभी पात्र लोगों को टीकाकरण अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
स्कूल खुलते ही वैक्सीनेशन में आएगी तेजी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में इन दिनों बरसात की छुट्टियां चल रही हैं। इसके चलते वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के अभियान में थोड़ी मुश्किल आ रही है। स्कूल खुलने के साथ ही हर पात्र व्यक्ति को वैक्सीन दी जाएगी।
हर पात्र व्यक्ति ले वैक्सीन: डॉ. विक्रम
जिला कांगड़ा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने बताया कि पूरी दुनिया में यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि कोरोना संक्रमण से निपटने का सबसे कारगर उपाय टीकाकरण ही है। कोविड रोधी टीका समय पर लगवा लेने के बाद यदि कोई व्यक्ति इससे संक्रमित होता है, तो भी बीमारी गंभीर रूप धारण नहीं कर पाती है। ऐसे में कोई पात्र व्यक्ति किसी कारणवश वैक्सीन की कोई डोज नहीं ले पाया है, तो वह वैक्सीन जरूर ले।