राजस्व मंत्री ने पीडीएनए वर्ष 2023 की प्रगति की भी विस्तृत जानकारी ली। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अब जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि कितने प्रभावित परिवारों को राहत मिल चुकी है और कितने अभी पैकेज से बाहर रह गए हैं। सरकार अब केवल पहले से दर्ज मामलों की समीक्षा करने के बजाय उन परिवारों की भी पहचान करेगी, जिन्होंने किसी कारण से राहत पैकेज का लाभ नहीं लिया है। डीसी को क्षति का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे लाभार्थियों की नई व संशोधित सूची तैयार होने और पात्र परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
शिमला में मंडियों को शहर से बाहर ले जाने की तैयारी तेज
शिमला शहर में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए मंडियों और बड़े व्यावसायिक केंद्रों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की कवायद भी आगे बढ़ी है। राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में हुई। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि अनाज मंडी, सब्जी मंडी, टिंबर मार्केट और ट्रांसपोर्ट मार्केट को स्थानांतरित करने के लिए भूमि की पहचान कर ली गई है। अब अगली बैठक में इसकी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।-बीबीएन में 7000 बीघा जमीन पर नई टाउनशिप की तैयारी
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और आबादी के दबाव को देखते हुए सरकार नई टाउनशिप और सैटेलाइट टाउन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग ने करीब 7000 बीघा जमीन हिमुडा को सौंप दी है और इसका इंतकाल भी कर दिया गया है। सरकार की योजना इस क्षेत्र में चंडीगढ़ की तर्ज पर नियोजित सैटेलाइट टाउन विकसित करने की है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विस्तार के साथ बढ़ती आवासीय जरूरतों और शहरी दबाव को व्यवस्थित करना है।