वन्यजीव विभाग के अनुसार, वर्ष 2019–20 में तेंदुओं की संख्या 400–450 थी, जो 2024 में 511 और 2025 की रिपोर्ट में बढ़कर 1,114 हो गई है। इसका अर्थ है कि प्रदेश के हर 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में औसतन दो तेंदुए मौजूद हैं। असियाटिक काले भालुओं की संख्या भी हिमाचल में तेजी से बढ़ी है। 2019–20 में इनकी आबादी 450–480 के बीच थी, जो 2024 में 529 और 2025 की गिनती में 835 हो गई।
कैमरा ट्रैप आधारित अध्ययन और ‘स्नो लेपर्ड पॉपुलेशन असेसमेंट इन इंडिया’ रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में हिम तेंदुओं की संख्या 44 से 51 के बीच आंकी गई है। कुछ अध्ययनों में यह अनुमान 73 तक लगाया गया है। यह प्रजाति मुख्य रूप से लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचे व दुर्गम इलाकों में पाई जाती है। पिछले कुछ वर्षों से इनकी आबादी में खास बदलाव नहीं हुआ है, जिसे विशेषज्ञ स्थिरता का संकेत मानते हैं।