मंगलवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई। प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन से अभी भी 340 सड़कें बाधित हैं। इसके अतिरिक्त 45 बिजली ट्रांसफार्मर और 77 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। कुल्लू में 106, मंडी में 109 व कांगड़ा जिले में 40 सड़कें बंद हैं। हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 4861 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
प्रदेश में 21 जून से 22 सितंबर तक 451 लोगों की जान चली गई है, 497 लोग घायल हुए हैं। 47 लोग अभी भी लापता हैं। 189 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 665 पक्के, 1046 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 2,344 पक्के और 5,052 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। 495 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा 7,265 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 2,511 मवेशियों की माैत हो गई। इस अवधि में बादल फटने की 47, अचानक बाढ़ 98 व भूस्खलन की 148 घटनाएं सामने आईं हैं।