यह प्रस्ताव जल्द ही मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मानसून सत्र में विधानसभा में विधेयक पारित करवाने की योजना है। प्रदेश में नगर नियोजन कानून का दायरा बढ़ने के बाद यह व्यवस्था लागू करने की योजना है। अभी तक राज्य में टीसीपी मामलों में अपील का अधिकार केवल सचिव नगर नियोजन के पास है। इसके चलते लोगों को छोटी-छोटी शिकायतों के लिए राजधानी शिमला आना पड़ता है। सरकार लोगों को बहुस्तरीय अपील की सुविधा उपलब्ध करवाना चाहती है। नई व्यवस्था के तहत हर जिले में जिला योजनाकार को अपील सुनने की अथॉरिटी दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति जिला स्तर की पहली अपील से संतुष्ट नहीं होता, तो वह सचिव नगर नियोजन के पास दूसरी अपील कर सकेगा। सचिव के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाने का विकल्प भी रहेगा।
प्लानिंग एरिया के लोगों को बहुस्तरीय अपील की सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर भी अपील की सुनवाई के लिए अथॉरिटी की सुविधा देने की योजना है। इसे लेकर कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। विधानसभा में विधेयक पास करवाकर नई व्यवस्था लागू की जाएगी- राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम योजना मंत्री