मंत्री ही ऐसा बयान देंगे तो कोई गोशाला नहीं चलाएगा
समिति ने कहा कि अगर कहीं गाय की मौत हुई है तो सिर्फ सरकार की ओर से चलाए जा रहे गोअभयारण्य में। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। अधिकारियों ने अपने आका को खुश करने के लिए कऊ सेंक्चुरी में 1,000 लावारिस बैल भर दिए और इन्होंने गउओं को मार दिया। उन्होंने पूछा कि दो साल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गोशालाओं को बेहतर करने लिए क्या किया, यह भी जनता को बताया जाए। कांगड़ा में दो साल में सड़कों पर गोवंश की संख्या दोगुनी हो गई है। गोशालाओं की वजह से ही आज बहुत सारी पंचायत बेसहारा गोवंश से होने वाले नुकसान से बची हैं। कुछ लोग तो चेन की सांस ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने फरवरी के बजट भाषण में गोशालाओं के बजट को बढ़ाने की घोषणा की थी जो आज तक पूरी नहीं हुई। गोशालाओं को अच्छा बनाने के बजाय अगर मंत्री ऐसा बयान देंगे तो कोई संस्था गोशाला नहीं चलाएगी।