सुलह से विधायक विपिन सिंह परमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने यह जानकारी दी। सरकार ने पंचायतों के क्षेत्राधिकार में आने वाली पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव का दायित्व ग्राम पंचायतों को सौंपा है। ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्राधिकार में पड़ने वाली पेयजल योजनाओं के रखरखाव का कार्य उपभोक्ता शुल्क से प्राप्त धनराशि से करेंगी। इसे लेकर मानक संचालन प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। भारत सरकार की ओर से जारी जन जीवन मिशन के दिशानिर्देशों के दृष्टिगत जल शक्ति विभाग से परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है।