हिमाचल प्रदेश में अब शराब ठेकों को बड़ी यूनिट की जगह एक-एक कर नीलाम किया जाएगा। शराब के करीब 400 ठेकों का आवंटन नहीं होने पर राज्य मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कर एवं आबकारी विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सरकार ने निर्देश दिए कि दो-तीन दिन में नीलामी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इस दौरान भी अगर कारोबारियों ने शराब ठेके लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई तो सरकार के निगम और बोर्डों को ठेके लेने का काम दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत एग्रो इंडस्ट्री काॅरपोरेशन, हिमफेड और एसआईडीसी के माध्यम से शराब बेची जाएगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि एक-एक ठेके की नीलामी करने के फैसले से छोटे कारोबारियों को भी काम करने का मौका मिलेगा। शनिवार को हुई बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शराब ठेकों की बड़ी यूनिट होने के चलते बेस प्राइस काफी अधिक बढ़ गया है। इस कारण कारोबारी ऊंची बोली नहीं लगा रहे हैं। अधिकांश मंत्रियों ने सुझाव दिया कि बड़े यूनिट की जगह एक-एक ठेके को नीलाम किया जाए।
दीवारों, वृक्षों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों पर नोटिस नहीं लगा सकेंगे
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश ओपन प्लेसेस (प्रिवेंशन आफ डिस्फिगरमेंट) एक्ट 1985 के प्रावधानों को शेष शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने का निर्णय लिया। इनमें 7 नगर निगम, 17 नगर परिषद और 23 नगर पंचायत शामिल हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों के विकृतिकरण को रोकना है, जिसके तहत भवनों, दीवारों, वृक्षों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों पर नोटिस, चित्र या संकेतों जैसे विज्ञापनों के प्रदर्शन को नियंत्रित किया जाएगा।