मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार शाम चंबा समेत अन्य जिलों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। कहा कि भरमौर से 25 लोगों को चंबा लाने के लिए हेलिकाप्टर ने पांच उड़ानें भरीं। पर्याप्त खाद्य सामग्री, अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के यांत्रिकी विंग को हवाई मार्ग से भरमौर भेजा गया है। डिजास्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत स्थानीय अधिकारियों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि चंबा से सलूणी और वहां से आगे कोटी पुल तक सड़क बहाल कर दी गई है। सलूणी उपमंडल के तहत कोटी पुल से संघणी गांव तक सड़क मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। शनिवार तक भारी वाहनों के लिए भी इस सड़क को बहाल कर दिया जाएगा। संघणी से जम्मू-कश्मीर की सीमा से लगते घुंडीमणाल तक सड़क बहाली कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्य सचिव ने बताया कि इस समय लगभग 1500 लोग चंबा चौगान में रुके हुए हैं। चंबा प्रशासन ने नूरपुर, कांगड़ा और पठानकोट डिपो से बसें और टैक्सियां भेजने की व्यवस्था की है। इससे चंबा की ओर पैदल यात्रा कर रहे लगभग 5,000 लोगों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।
निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने बताया कि चुवाड़ी, चंबा, सलूणी, तीसा और डलहौजी में संचार सेवाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं। जिला लाहौल-स्पीति के जिस्पा, दारचा और म्यार में संचार सेवाएं बहाल करने के लिए ईंधन भेज दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, सचिव लोक निर्माण डॉ. अभिषेक जैन, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग हरबंस सिंह ब्रसकोन, सचिव सामान्य प्रशासन प्रवीण टाक भी बैठक में उपस्थित रहे।