India Pakistan Conflict: हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन और परवाणू में रात के समय उद्योगों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश के तीनों हवाई अड्डे भी अब 15 मई तक बंद रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में हमलों की हिमाकत के बाद हिमाचल में सुरक्षा के मद्देनजर एहतियात के तौर पर कई फैसले लिए गए हैं। हिमाचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) और परवाणू में रात के समय उद्योगों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश के तीनों हवाई अड्डे भी अब 15 मई तक बंद रहेंगे। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय ने प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी गई हैं। हिमाचल से जम्मू व पंजाब के लिए रात्रि बस सेवा रोक दी गई है। स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस के साथ होमगार्डों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। बीबीएन, बिलासपुर समेत जम्मू-कश्मीर और पंजाब से सटे इलाकों में शुक्रवार रात को ब्लैक आउट रहा। मंदिरों और संवेदनशील स्थलों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही शक्तिपीठ चामुंडा मंदिर के कपाट रात 10:00 के बजाय शाम 8:00 बजे बंद करने का फैसला लिया गया है।
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केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत हिमाचल के कांगड़ा, कुल्लू-मनाली और शिमला हवाई अड्डों को 15 मई तक बंद कर दिया गया है। इस दौरान प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों से कोई भी नागरिक उड़ान नहीं होगी। इससे पहले 9 मई रात 12 बजे तक हवाई अड्डों को बंद रखने के आदेश थे। कांगड़ा हवाई अड्डा के निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 15 मई सुबह 5:30 बजे तक यात्रियों के लिए कोई उड़ान नहीं होगी। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय ने 10 और 11 मई को प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एचपीसीईटी) भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक कमल देव सिंह कंवर ने कहा कि टेस्ट आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। हालात सामान्य होते ही नई तिथि घोषित की जाएगी।
हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने कहा कि पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ रूटों को समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य क्षेत्रों में बस सेवा अभी बंद नहीं की है, इसलिए चालकों-परिचालकों को एहतियात बरतने के लिए कहा है। रात को चंबा-पठानकोट एनएच पर वाया दुनेरा वाहनों की आवाजाही बंद रही। प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। सरकार ने सीमावर्ती, सैन्य प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही न करने की अपील की है।
डलहौजी, बकलोह में रहा ब्लैक आउट
सिंदूर ऑपरेशन के बाद जम्मू-कश्मीर से लगती चंबा जिले की सीमाओं में हाई अलर्ट है। पर्यटन स्थल डलहौजी और सैन्य क्षेत्र बकलोह समेत आसपास के इलाकों में ब्लैक आउट रहा। जिले के सीमांत क्षेत्रों किलाड़ का संसारी नाला, लंगेरा, संघणी चेक पोस्टों पर भी आईटीबीपी, हिमाचल प्रदेश पुलिस बटालियन और पुलिस जवान मुस्तैद हैं। बाहर से आने वाले किसी भी वाहन और व्यक्ति की गहन तलाशी के बाद ही सीमा के भीतर प्रवेश दिया जा रहा है।
बिलासपुर में मेलों-त्योहारों की सांस्कृतिक संध्याओं पर रोक
बिलासपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर फैसला लिया है कि जिले में होने वाले मेले और त्योहारों की सांस्कृतिक संध्याएं नहीं होंगी। भीड़ जमा न होने देने और रात को फ्लड लाइट बंद रखने के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
ब्लैक आउट के समय क्या करें
1- ब्लैकआउट के समय बिजली बुझाना।
2- एयररेड सायरन बजने पर शांतिपूर्वक अपने सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
3- अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
4- नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवकों और स्थानीय प्रशासन का सहयोग करें।
5- मॉक ड्रिल को गंभीरता से लें ताकि आपातकाल में जान-माल की हानि को कम किया जा सके।
6- घबराएं नही, बच्चों और पूरे परिवार को जागरूक करें।
7- मोबाइल या रेडियो पर सरकारी अलर्ट सुनें।
8- सुरक्षित शरण स्थल एवं बंकर की जानकारी लें।
9- अपने घर में मजबूत बिना खिड़की वाला कमरा तैयार रखें।
10- शरण स्थल तक जल्द से जल्द पहुंचने का रास्ता पहले से तय करें।
11- जरूरी वस्तुएं तैयार रखें। पीने का पानी कम से कम तीन दिन के लिए।
12- सूखा भोजन (बिस्कुट, ड्राई फ्रूट आदि)।
13- प्राथमिक चिकित्सा किट, टाॅर्च एवं एक्स्ट्रा सेल रखें।
14- जरूरी दस्तावेज - आईडी, मेडिकल रिपोर्ट सुरक्षित रखें।
15- खिड़कियों पर मोटे काले कागज लगाएं।
16- शीशे से दूर रहें, जमीन पर लेट जाएं।
17-हवाई हमले के बाद बाहर तभी निकलें जब सरकारी निर्देश मिले।
18- घायल हो तो प्राथमिक उपचार करें।
19- संदिग्ध वस्तु या बम दिखे तो छिपे नहीं, पुलिस को सूचित करें।
20- यदि सड़क पर हों तो, वाहन किनारे खड़ा कर लाइट ऑफ कर दें।
21- घबराएं नहीं। ट्रैफिक नियमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
22- अपने घरों की लाइट देशहित में बंद रखें, जिससे रोशनी बाहर न दिखाई दें।
23- हवाई हमले का रेड सिग्नल 2 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजाया जाता है और खतरा टलने की सूचना 2 मिनट तक सायरन एक ही आवाज में बजाकर दी जाती है, ताकि बचाव व राहत कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।
क्यों जरूरी ब्लैक आउट
ड्रोन या मिसाइल हमले के दौरान अगर लाइट बंद हो तो आबादी वाली जगह का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इन्फ्रारेड सेंसर भी अंधेरे में काम नहीं करते। हवाई बमबारी या ड्रोन हमलों के दौरान रोशनी न होने से लक्ष्य सटीक नहीं हो पाता। रोशनी होने पर निशाना साधना आसान हो जाता है। रोशनी न होने से दुश्मन को शहरों की सड़कों और भवनों की स्थिति का आभास नहीं होता। लाइटें बंद होने पर थर्मल इमेजिंग का उपयोग नहीं हो पाता ऐसे में दुश्मनों को लक्ष्य निर्धारित करने के लिए अन्य विकल्पों को इस्तेमाल करना पड़ता है जिसमें सटीकता नहीं होती और नुकसान कम होता है।
सुरक्षा बलों की आवाजाही की लाइव कवरेज न करने की सलाह
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामान्य नागरिकों को रक्षा अभियान और सुरक्षा बलों की आवाजाही की लाइव कवरेज न करने की सलाह दी है। इस तरह की कवरेज या सोशल मीडिया में अपडेट सुरक्षा बलों को जोखिम में डाल सकता है।
पंचायतों को सोलर लाइटों को गहरे रंग के कपड़े से ढकने के निर्देश
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायतों में लगी सोलर लाइटों को गहरे रंग के कपड़े से ढकने और अस्थायी तौर पर उनके कनेक्शन बंद करने के निर्देश दिए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते ब्लैक आउट के दौरान रोशनी पूरी तरह से बंद रह सके, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।