70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तक पहुंचेंगी टीमें
स्वास्थ्य टीम के पास टेस्ट कराने की किट होगी। ये टीमें संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तक पहुंचेंगी। घर पर ही बुजुर्गों की सामान्य स्वास्थ्य जांच करने के साथ उनकी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच के दौरान किसी बुजुर्ग को बीमारी के लक्षण पाए जाने पर मौके पर ही आवश्यक उपचार दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार दवाइयां भी उपलब्ध करवाने की व्यवस्था रहेगी। गंभीर बीमारी या अस्पताल में उपचार की आवश्यकता वाले मामलों को संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर किया जाएगा। इससे खासकर उन बुजुर्गों को लाभ मिलेगा, जिन्हें उम्र अधिक होने या आवाजाही की परेशानी के कारण अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है।
घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण होगा
स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में इस अभियान को प्रभावी बनाने पर भी जोर देगा। घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण से बुजुर्गों में समय रहते बीमारियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। विभाग की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर टीमों के गठन और क्षेत्रवार कार्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का नेटवर्क प्रदेश में अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों तक फैला हुआ है और इनमें डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ तैनात है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि अभी बीमार होने पर मरीजों को एबुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाया जाता है। अब घर-द्वार बुुजर्गों का उपचार होगा। स्वास्थ्य विभाग इस योजना पर काम कर रहा है।
बीपी-शुगर समेत सामान्य जांच पर जोर
घर-द्वार स्वास्थ्य जांच के दौरान बुजुर्गों की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसमें रक्तचाप और ब्लड शुगर जैसी जांच के साथ बीमारी से संबंधित लक्षणों की पहचान पर भी ध्यान रहेगा। जरूरत पड़ने पर आगे की जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाएगा।