रिश्वत लेना और रिश्वत देना दोनों ही अपराध हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति विवश होकर रिश्वत देता है और सात दिन के भीतर इसकी शिकायत करता है तो उसे दंड नहीं मिलता। भ्रष्टाचार दो पक्षों से बनता है, एक पक्ष इन्कार करे तो यह समाप्त हो जाता है। डीजीपी (विजिलेंस) अशोक तिवारी ने सोमवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।
उन्होंने बताया कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो 27 अक्तूबर से 2 नवंबर तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाएगा। इस दौरान ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष सप्ताह का थीम ‘सतर्कता–हमारी साझा समृद्धि’ रखा गया है। सप्ताह की शुरुआत 27 अक्तूबर को सुबह 11 बजे सभी इकाइयों में इंटीग्रिटी प्लेज के साथ हुई, जिसमें सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने ईमानदारी से काम करने की शपथ ली।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान स्कूलों में जागरूकता रैलियां और पोस्टर बनाने की ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। पंचायत स्तर पर प्रधानों, पंचायत सदस्यों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों और मनरेगा श्रमिकों की बैठकों के माध्यम से स्थानीय भाषा में भ्रष्टाचार-निरोधक संदेश दिए जाएंगे। विभिन्न सरकारी विभागों पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, आबकारी एवं कर विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सतर्कता को लेकर बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्कता जागरूकता डिस्प्ले पिक्चर साझा की जाएगी, जिससे आम लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा सके।