खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार यह एक गंभीर मामला है और इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी को इस नोटिस का 30 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो दही के मिस ब्रांडेड पाए जाने पर कंपनी पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और भरोसेमंद ब्रांड से इस प्रकार की चूक उपभोक्ता हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
विभाग द्वारा शिकायत आने के बाद बाजार से दही के सैंपल लिए गए थे, जांच में दही को मिस ब्रांडेड पाया गया है। विभाग नियमानुसार कार्रवाई अमल में ला रहा है, जिसमें तीन लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आम जनता से अपील है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य उत्पाद को लेकर संदेह हो तो वे तत्काल विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि उपभोक्ता स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।- महेश कश्यप, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग बिलासपुर