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महिलाएं स्वयं सशक्त होंगी, तभी परिवार को अच्छे से संभाल सकेंगी : मरवाहा

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आईटीआई हमीरपुर में अपराजिता कार्यक्रम में किया जागरूक, कहा-महिला सशक्तीकरण का कारगर माध्यम है शिक्षा
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आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए दी छात्राओं को प्रेरणा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जब महिलाएं आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक रूप से मजबूत होंगी, तभी महिला सशक्तीकरण संभव है। इन सबके के लिए जरूरी है शिक्षा। शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त होने में सहायता मिलती है। यह बात जिला कल्याण अधिकारी गीता मरवाहा ने आईटीआई हमीरपुर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए उनका शिक्षित होना अति आवश्यक है। उनका आर्थिक रूप से निर्भर होना भी अति आवश्यक है। महिलाएं इस समाज की रीढ़ हैं। अपने बच्चों में अच्छे संस्कार वही डालती हैं।
ऐसे में अगर महिलाएं स्वयं सशक्त होंगी, तभी वह अपने परिवार को अच्छे से संभाल सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को अपने साथ अगर कुछ गलत हो रहा हो तो उसका विरोध करना चाहिए। अगर उनके आसपास किसी अन्य महिला के साथ भी गलत हो रहा हो तो भी उसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। हस्तक्षेप से किसी महिला की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के दुष्परिणाम भी बताए और कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करें न कि सोशल मीडिया पर हर समय एक्टिव रहने के लिए। नशे से आज समाज में कई अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन अपराधों को रोकने के लिए नशे को जड़ से खत्म करना होगा।
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क्या कहती हैं छात्राएं और प्रधानाचार्य

महिला सशक्तीकरण पर आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को बहुत से महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास व स्वरोजगार की ओर बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है।
-सुभाष चंद, आईटीआई के प्राधानाचार्य।

जिला कल्याण अधिकारी ने महिला सशक्तीकरण का क्या अर्थ है, इसके बारे में बहुत अच्छे से बताया और जीवन में खूब मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। ऐसे कार्यक्रम बहुत प्रेरणादायक होते हैं।
तनु, छात्रा।

कार्यक्रम में दूसरों की सहायता करने और गलत का विरोध करने के बारे में बताया गया। समाज में कई कुरीतियां हैं, जिनका लोग विरोध नहीं कर पाते। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों में कुरीतियों का विरोध करने के लिए आत्मविश्वास पैदा होगा।
निलाक्षी ठाकुर, छात्रा।

कार्यक्रम में मोबाइल के दुष्परिणाम बताए गए कि किस तरह मोबाइल से अनेकों समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन समस्याओं के बारे में पहले पता नहीं था। जिंदगी में इस बिंदुओं पर सुधार कर कॅरिअर के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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सलोनी, छात्रा।

दूसरों की सहायता करने व अपने माता-पिता के साथ हर बात बताने के लिए कार्यक्रम में कहा गया। महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, ऐसे में अच्छे संस्कार समाज में हों, इसके लिए महिलाओं का सशक्त होना आवश्यक है।
मीनाक्षी, छात्रा।
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