हमीरपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हमीरपुर और नादौन के विधायक की ओर से प्रदेश विधानसभा में डिपो संचालकों की दयनीय आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के बारे में सरकार से प्रश्न पूछने के लिए प्रदेश डिपो संचालक समिति ने दोनों का धन्यवाद किया है। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने खाद्य आपूर्ति मंत्री की ओर से दिए दिए गए बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि गत 10 अक्तूबर को हमीरपुर जिले में आयोजित प्रदेश डिपो संचालक समिति के सम्मेलन में खाद्य आपूर्ति मंत्री ने हमारी सभी मांगों को जायज बताते हुए मुख्यमंत्री से विचार कर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था।
उसके बाद लगातार मुख्यमंत्री व खाद्य आपूर्ति मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत करवाते रहे, लेकिन विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री की ओर से दिए गए विवादित बयान से प्रदेश के सभी डिपो संचालक परेशान हैं। बयान में कहा गया कि यह मामला सरकार के विचाराधीन नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने खाद्य आपूर्ति मंत्री से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा कि क्या सच में ही मंत्री ने ऐसा बयान दिया है।
अशोक कवि ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सिविल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से संचालित डिपुओं को घाटे में चलने के कारण बंद करने का निर्णय ले लिया। निगम के इन डिपुओं पर 600 से 700 राशनकार्ड दर्ज हैं। यदि निगम के 700 राशन कार्ड वाले डिपो घाटे में हैं तो प्रदेश के निजी व सहकारी सभाओं के 20 से 70 राशन कार्डों वाले डिपो कैसे फायदे में हो सकते हैं। कवि ने कहा कि या तो सरकार को निजी डिपो धारकों व सहकारी सभाओं के विक्रेताओं के लिए नीति बनानी चाहिए या फिर प्रदेश के सभी डिपुओं को बंद कर देना चाहिए। प्रदेश का हर डिपो घाटे में ही चल रहा है।