टेस्ट के लिए दोबारा दौड़ना पड़ रहा अस्पताल
छोटे बच्चों को उठाकर बार-बार ले जाने में हो रही दिक्कत
वर्तमान में रहन बसेरा में चल रही है छोटे बच्चों की ओपीडी
बच्चों की ओपीडी को भी अस्पताल में ही स्थानांतरित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में छोटे बच्चों की ओपीडी को अस्पताल के समीप रैन-बसेरा भवन में चलाया जा रहा है। जबकि, बीमार बच्चों के टेस्ट वापस अस्पताल में किए जा रहे हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के इलाज के लिए आने वाली महिलाओं और अन्य परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले अस्पताल में ही छोटे बच्चों का इलाज किया जाता था, लेकिन कोविड के बाद से रैन-बसेरा में ही बच्चों की ओपीडी चल रही है। इस रैन बसेरा का निर्माण नगर परिषद की ओर से शहरी विकास विभाग की स्कीम के तहत जरूरतमंदों को आश्रय देने के लिए किया गया है। लेकिन, अब यहां पर बच्चों का इलाज करवाने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब चिकित्सक बच्चों के लैब टेस्ट आदि लिखते हैं तो अभिभावकों को दोबारा अस्पताल का रुख करना पड़ता है। टेस्ट करवाने के लिए शुल्क आदि जमा करवाने के लिए काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है। अभिभावकों मीना कुमारी, आदिति, काजल, सीमा आदि ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में छोटे बच्चों की ओपीडी रैन-बसेरा में चल रही है।
ऐसे में छोटे बच्चों के साथ काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने छोटे बच्चों की ओपीडी को अस्पताल में ही शिफ्ट करने की मांग की है। वहीं, इस बारे में कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि अस्पताल में बीमार बच्चों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इस समस्या का भी हल निकाला जाएगा।