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Hamirpur (Himachal) News: प्रभात सभा ने उठाई सांसदों और विधायकों की पेंशन बंद करने की मांग

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कहा, प्रतिवर्ष 15 अरब 65 करोड़ 60 लाख रुपये देश का हो रहा खर्च
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। प्रभात सुधार सभा के अध्यक्ष प्रकाश चंद सेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सांसदों और विधायकों की पेंशन बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 776 सांसद हैं। देश के खजाने से प्रत्येक सांसद को वेतन और भत्ते मिलाकर 5,00000 प्रति माह दिया जाता है। हर वर्ष वेतन और भत्तों को मिलाकर इन पर 465 करोड़ 60 लाख रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा आवास, रहने, खाने-पीने, यात्रा भत्ता, इलाज, विदेशी सैर-सपाटे और सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों के खर्चों को मिलाकर मूल वेतन और भत्ते से भी ज्यादा खर्च आता है। भारत में 4,120 विधायक और 462 एमएलसी को मिलाकर कुल 4,582 विधायक हैं। प्रति विधायक को वेतन भत्ता मिला कर प्रतिमाह 2 लाख का खर्च होता है। इस हिसाब से सभी विधायकों पर एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपये का खर्च आता है। विधायकों और सांसदों के पीछे भारत का प्रतिवर्ष 15 अरब 65 करोड़ 60 लाख रुपये का खर्च होता है।
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देश के निर्माण में मेहनत करके खाने वाले मजदूर की भागीदारी हर हाल में देश का नेतृत्व करने वाले किसी भी सदस्य से कम नहीं है। देश के निर्माण के लिए मजदूर और किसान खेतों में खाद्य सामग्री पैदा करने के लिए ठिठुरती सर्दी और भीषण गर्मी में पसीना बहाते हैं, इसके बदले उनको चूल्हा-चौका चलाने जितना ही मेहनताना मिलता है। जबकि जनता की ओर से देश का नेतृत्व करने के लिए चुनकर भेजे गए सांसद और विधायक वातानुकूलित कार्यालयों तथा आवासीय भवनों में बादशाहों जैसा जीवन व्यतीत करते हैं, जो न्याय संगत नहीं है। इन विधायकों व सांसदों की भी पेंशन बंद करनी चाहिए।
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