बस अड्डा हमीरपुर पर बसों का इंतजार करते लोग। रविवार को कम रूटों पर सरकारी बसें चलाई गईं।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर के डेढ़ दर्जन रूट घाटे में चल रहे हैं। इन रूटों पर निगम को 20 रुपये से भी कम कमाई हो रही है। कायदे से 45 रुपये से अधिक की कमाई वाला रूट ही लाभ वाला माना जाता है, लेकिन ऐसे लोकल रूट बहुत कम हैं जिनकी कमाई 45 रुपये से अधिक है। घाटे में चलने वाले रूटों में हमीरपुर खग्गल औसतन कमाई साढ़े 16 रुपये, हमीरपुर दांदडू कमाई 14.97 रुपये, हमीरपुर-री-कक्कड कमाई 13.43 रुपये, हमीरपुर सुजानपुर शाम साढ़े पांच बजे वाली बस की कमाई 19 रुपये, हमीरपुर पटनौण कमाई 5.50 रुपये, हमीरपुर कुठेड़ा 11.19 रुपये, धनेटा-बड़सर 17.70 रुपये, हमीपुर चौरी धैल, हमीरपुर धनेटा सहित कई अन्य रूट घाटे में चल रहे हैं।
इसी के चलते रविवार को निगम प्रबंधन लोकल रूटों को बंद रखता है। जबकि, इस दिन महज बाहरी रूटों पर ही बसें जाती हैं। निगम प्रबंधन करीब साठ रूटों पर बसें भेज रहा है। जिनमें से 45 बसें लोकल और 15 अंतरराज्यीय रूटों पर दौड़ रही हैं।
कई बसों का तो तेल खर्च भी नहीं निकल पाता है। उधर, छुट्टी वाले दिन लोकल रूटों पर बसें न चलने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस दिन लोगों को टैक्सियों में अपने गंतव्य के लिए जाना पड़ता है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के डीडीएम विवेक लखनपाल का कहना है कि रविवार को यात्री नहीं मिलते हैं। यात्री न मिलने के कारण कई बसें घाटे में चल रही हैं। परीक्षा या विशेष कार्यक्रम के मद्देनजर छुट्टी वाले दिन भी महत्वपूर्ण रूटों पर बसें भेजी जाती हैं।