आंगनबाड़ी केंद्र प्रतापनगर हमीरपुर में बच्चों के हाथ धुलाते व सैनिटसइज करवातीं वर्कर्स।
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हमीरपुर। जिला हमीरपुर में वीरवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल गए हैं। दो साल बाद 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों में वीरवार को रौनक लौटी। 9 हजार नौनिहालों ने पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जबकि, जिला भर में कुल 26,655 नौनिहाल पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते ही बच्चों के हाथ धुलवाकर सैनिटाइज करवाए गए। संख्या के हिसाब से बच्चों से पढ़ाई सहित अन्य क्रियाएं करवाई गईं।
कोरोना नियमों को ध्यान में रखते हुए जिलाभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सूची के हिसाब से अलग-अलग पौष्टिक भोजन पकाया गया। महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से पहले से ही अधिसूचना जारी कर दी गई थी। जिसके अनुसार सूबे में दो साल से ऊपर बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाने के लिए पहले से ही एसओपी तैयार की गई थी। जिसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यशाला का आयोजन भी किया गया था। कोरोना संक्रमण की पहली, दूसरी लहर के दौरान भी इन आंगनबाड़ी वर्कर्स ने डोर-टू-डोर राशन बच्चों, गर्भवतियों व धात्री महिलाओं को उपलब्ध करवाया है।
दूसरी लहर के अंत के बाद बच्चों के अभिभावक स्वयं आंगनबाड़ी पहुंचकर बच्चों के एक-एक माह के राशन का कोटा लेते रहे हैं। जिलाभर में स्कूल खुलने पर बच्चों के लिए खिचड़ी, चने, राजमा चावल, सेवइयां सहित अन्य पौष्टिक आहार पकाया गया। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी हमीरपुर एचसी शर्मा का कहना है कि सरकार की ओर से दो मार्च से आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के निर्देश जारी किए थे। इस दौरान बच्चों के लिए कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर पहले दिन खाने सहित अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं।