सुजानपुर (हमीरपुर)। समाजसेवी रविंद्र सिंह डोगरा ने रविवार को बमसन, मेवा, गवारडू, समीरपुर क्षेत्र के लिए बनाई गई जाखू पेयजल-सिंचाई योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण बमसन, मेवा, गवारडू, समीरपुर क्षेत्र के लिए बनाई गई जाखू पेयजल योजना पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। इससे 25 पंचायतों के करीब 60 हजार लोगों के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया है। डोगरा ने रविवार को पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिन से लोग पीने तथा अन्य कामों के लिए पानी को तरस रहे हैं, लेकिन विभाग और प्रशासन आंखें मूंद कर तमाशा देख रहा है।
जल शक्ति विभाग के आला अधिकारियों के पास पानी की लाइन को सुचारु रूप से चलाने की कोई योजना नहीं है। वह केवल पुरानी पाइपलाइन को ढूंढने में अपना समय व्यर्थ कर रहे हैं। इलाके की जनता से झूठ बोला जा रहा है कि पानी 2-4 दिन में आ जाएगा लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने स्वयं जल सिंचाई परियोजनाओं पर जाकर देखा तो पता चला कि जाखू से जिस अठारह 18 इंच की पानी की लाइन से बौडू तक उठाऊ पेयजल आता था, उसकी पाइपलाइन का काफी हिस्सा एंकर ब्लॉक सहित खड्ड की बाढ़ में बह चुका है। दूसरी तरफ पुरली-कक्कड़ तक पेयजल पहुंचाने वाले संयंत्र में कीचड़ भर चुका है। डोगरा ने कहा कि स्थानीय विधायक ने एक बार भी पानी की समस्या के लिए कोई समाधान नहीं किया और न ही स्थिति का कोई जायजा लिया और न ही अधिकारियों से इस विषय पर कोई बात की।