जिले के 89 स्कूलों में संस्कृत अध्यापकों के पद खाली
क्लस्टर प्रणाली का भी विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा लाभ
तीसरी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दिया गया है संस्कृत विषय
माध्यमिक स्कूलों में भी संस्कृत अध्यापकों के नहीं भरे गए हैं पद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। दो बार शास्त्री भर्ती प्रक्रिया होने के बावजूद जिले के 89 स्कूलों में संस्कृत अध्यापकों के पद खाली हैं। इससे संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग रिक्त पदों को भरने में असमर्थ है। जिले के सभी स्कूलों में हाल ही में क्लस्टर प्रणाली को शुरू किया गया है ताकि माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शास्त्री अध्यापक तीसरी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय पढ़ा सकें लेकिन माध्यमिक स्कूलों में पहले से ही 89 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ऐसे में माध्यमिक स्कूलों के साथ-साथ प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। अभिभावकों कांता देवी, सरिता कुमारी, मीना देवी, राधिका, प्रदीप, राकेश, रमन आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से दो बार संस्कृत भर्ती प्रक्रिया को लेकर साक्षात्कार आयोजित किए गए लेकिन रिक्त पदों को भरने में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इसका खामियाजा स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों को झेलना पड़ रहा है। वे कई बार शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। पिछले दो वर्षों से स्कूलों में रिक्त पदों को नहीं भरा गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
ब्यान:
जिले के 89 स्कूलों में संस्कृत अध्यापकों के पद रिक्त हैं। इस बारे में रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है ताकि स्कूलों में रिक्त पदों को भरा जा सके। स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए अन्य स्कूलों से प्रतिनियुक्ति पर शिक्षकों को स्कूलों में भेजा जा रहा है।
अशोक कुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर