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Hamirpur (Himachal) News: कोविड काल में अस्पतालों को दिए वेंटिलेटर पर जम रही धूल

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नहीं हो पा रहा इस्तेमाल, कोविड काल में दिए थे यह वेंटिलेटर
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मेडिकल कॉलेज को 69, भोरंज को 50, टौणी देवी को दो, बड़सर को दो वेंटिलेटर करवाए थे उपलब्ध

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। पीएम केयर योजना के तहत कोविड काल में जिले में विभिन्न अस्पतालों को दिए गए वेंटिलेटर पर धूल जम रही है। इनका कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में स्थित अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज को कोविड काल में यह वेंटिलेटर दिए गए ताकि कोरोना के मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल हो सके। अब अधिकतर वेंटिलेटर का कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। वेंटिलेटर ऐसी मशीन है जो व्यक्ति के गंभीर बीमार होने, घायल होने या किसी ऑपरेशन के लिए बेहोश होने पर सांस लेने में मदद करती है। यह फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त हवा पंप करती है। यह कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने में भी मदद करता है।
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जिला में मेडिकल कॉलेज को 69, सिविल अस्पताल भोरंज को 50, टौणी देवी अस्पताल को दो, बड़सर अस्पताल को दो वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए गए। वर्तमान में किसी भी सिविल अस्पताल में इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। आपात स्थिति में मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। वहीं, अगर मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां पर आपातकाल वार्ड में ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन आती है और आईसीयू में भी ऑक्सीजन आती है। हालांकि कभी कभार एक या दो वेंटिलेटर का इस्तेमाल दमा, हॉर्ट आदि के मरीजों के लिए कर लिया जाता है लेकिन अधिकतर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा। वहीं, इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल करने के लिए कर्मचारियों की भी आवश्यकता होती है, जो कहीं पर भी नहीं है। भविष्य में इनका इस्तेमाल नए मेडिकल कॉलेज में हो सकता है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जब इनकी जरूरत होती है तब इस्तेमाल कर लिए जाते हैं। भविष्य में इनका क्या करना है, इस बारे में उच्च अधिकारी ही बता सकते हैं।
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