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सोशल मीडिया पर बैंक संबंधी जानकारी न करें साझा : चंदेल

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डीडीएम साईं बीएड कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम में मुख्यातिथि के साथ मौजूद प्रशिक्षु अध्यापक। - फोटो : Hamirpur-HP
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नादौन (हमीरपुर)। सोशल मीडिया पर निजी और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। इससे आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। यह बात डीडीएम साईं कॉलेज ऑफ कल्लर नादौन में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में पुलिस थाना नादौन के प्रभारी योगराज चंदेल ने प्रशिक्षु अध्यापकों से कही।
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उन्होंने प्रशिक्षुओं के साथ महिला सशक्तीकरण, साइबर अपराध, हेल्पलाइन नंबरों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी साझा की। उन्होंने महिलाओं को लेकर उदार सोच रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस नारी को पुराने समय में घरों तक ही सीमित रखा जाता था अब वह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश, प्रदेश और परिवार के विकास में योगदान दे रही है।
चंदेल ने कहा कि पुराने समय में सती प्रथा थी। उस वक्त पति की मौत पर पत्नी को भी चिता में जला दिया जाता था। इस प्रथा को राजा राममोहन राय के प्रयासों से समाप्त किया गया। इसके परिणामस्वरूप अब समाज में स्त्रियों को महत्व बढ़ रहा है। महिलाओं के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं। इनसे वह सशक्त हो रही हैं। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1100, और 198 गुड़िया हेल्प लाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने उन्होंने दहेज और शादी में दिए जाने वाले उपहारों के बीच अंतर के बारे विस्तार से बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये होने वाले अपराधों से बचने के लिए कोई भी जानकारी साझा न करने की अपील की। इसे पहले कॉलेज के चेयरमैन भुवनेश शर्मा और स्टाफ ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि आज चाहे प्रशासनिक सेवाएं हो या अन्य क्षेत्र, महिलाएं सभी जगह आगे हैं। महिलाओं को किसी भी उत्पीड़न को लेकर समझौता नहीं करना चाहिए। अपने हित के लिए हमेशा आवाज उठानी चाहिए। इस अवसर पर डॉ. मलिक सिंह राणा, डॉ. मधु, मोनिका, मीना, सोनू कुमार और सुनील कुमार समेत स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
अधिकारों को मिली जानकारी : डॉ. प्रकाश
कॉलेज प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश भारद्वाज ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने मुख्यातिथि योगराज चंदेल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। ऐेसे कार्यक्रमों का आयोजन अगर निरंतर होता रहे तो छात्राएं अधिकारों और कानूनों के बारे में जागरूक हो पाएंगी।
सहेलियों को करेंगी जागरूक: ईशा
प्रशिक्षु ईशा कुमारी ने कहा कि अपराजिता अभियान से उन्हें गुड़िया हेल्पलाइन समेत दूसरे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी मिली। हमें पता चला कि किस तरह से इन पर शिकायत की जाती है और यह हेल्प लाइन कैसे काम करती है। इस बारे में विस्तृत जानकारी मिली। वह सहेलियों को भी जागरूक करेंगी।
समाज को जागरूक करना जरूरी : अंजना
अंजना ने कहा कि कार्यक्रम से उन्होंने बहुत कुछ सीखा। हमें खुद जागरूक होने के साथ-साथ समाज को भी जागरूक करना चाहिए। इसकी शुरुआत हम अपने आस-पड़ोस से कर सकते हैं। इसके लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।
गोपनीय जानकारी साझा न करें : दीक्षा
दीक्षा ने कहा कि हमें सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। हमें मोबाइल पर किसी दूसरे व्यक्ति को ओटीपी या कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
हादसे में घायलों की करें मदद : शालिनी
शालिनी ने कहा कि सड़क दुर्घटना में किसी की सहायता करना अच्छी बात है। हमें दुर्घटना होने पर किसी की सहायता करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार किसी की सहायता करने पर पुलिस सहायता करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई का झंझट नहीं डालेगी।
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