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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : परीक्षाएं खत्म होने के बाद बच्चों के टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार

Tue, 29 Mar 2022 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर (हि प्र)

सार

जिले में 12 से 14 साल तक के कुल 21099 बच्चे हैं। इनमें से प्रथम दो सप्ताह में मंगलवार तक 7685 बच्चों का टीकाकरण हो गया है। जबकि, सभी बच्चों का टीकाकरण 30 अप्रैल तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
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वैक्सीनेशन लगवाता लंबलू स्कूल का विपिन। - फोटो : Hamirpur-HP
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विस्तार
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जिले में 12 से 14 साल तक के बच्चों में कोरोनारोधी टीकाकरण ने 23 मार्च के बाद रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि, 16 मार्च से शुरू हुए इस वर्ग के टीकाकरण के दौरान पहले सप्ताह बहुत कम बच्चे वैक्सीन लगवा रहे थे, लेकिन 23 मार्च के बाद रोजाना 800 से 1500 तक बच्चे टीकाकरण करवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग भी बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। अब परीक्षाएं खत्म होने के बाद अधिक बच्चे वैक्सीनेशन के लिए आ रहे हैं।

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जिले में 12 से 14 साल तक के कुल 21099 बच्चे हैं। इनमें से प्रथम दो सप्ताह में मंगलवार तक 7685 बच्चों का टीकाकरण हो गया है। जबकि, सभी बच्चों का टीकाकरण 30 अप्रैल तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की युद्धस्तर पर वैक्सीनेशन कर रहा है। हालांकि, 12 से 14 साल के बच्चों को शुरू हुई वैक्सीनेशन के पहले दिन जिले में महज 345 बच्चों ने वैक्सीन लगवाई थी, लेकिन 29 मार्च को 1510 बच्चों ने टीकाकरण कराया है। पहले सप्ताह में परीक्षाएं होने के कारण बच्चे वैक्सीन लगवाने कम आ रहे थे, लेकिन अब रोजाना आठ सौ से अधिक बच्चे वैक्सीन लगवा रहे हैं।

बीते एक स्पताह में 23 मार्च को 1321, 24 को 1011, 25 को 1286, 26 को 809, 28 को 809 और 29 को 1510 ने वैक्सीन लगवाई है। उधर, 15 से 17 साल तक के 25577 बच्चे दोनों डोज लगवाकर खुद को सुरक्षित कर चुके हैं। वैक्सीनेशन के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश रत्तू ने कहा कि अब 12 से 14 साल के बच्चों में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ रही है। विभाग बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए स्कूल और आशा वर्कर के माध्यम से भी बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

क्या कहते हैं बच्चे

छात्रा श्रेया का कहना है कि परीक्षाओं के चलते पहले वैक्सीनेशन नहीं करवाई। बीमार होने का डर भी था, लेकिन अब वैक्सीनेशन करवा ली है। 28 दिन बाद दूसरी डोज लगवाएंगे।

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कोमल का कहना है कि मन में वैक्सीनेशन का जो डर था, वह टीकाकरण करवाने के बाद चला गया। अब दूसरी डोज लगवाने के लिए भी उत्सुक हैं।
सूर्यांश का कहना है कि अध्यापकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया है। अभिभावकों ने भी वैक्सीन लगवाकर सुरक्षित होने को कहा। इसके बाद वैक्सीन लगवाई।
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विपिन का कहना है कि वैक्सीनेशन को लेकर कोई भय मन में नहीं था। वैक्सीनेशन के लिए उत्साहित था। इसलिए टीकाकरण करवा लिया है। अब दूसरी डोज का इंतजार है।

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