हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में विद्यार्थियों ने गलत तरीके से परिणाम घोषित करने का आरोप लगाया है। इसके चलते छात्रों ने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। कॉलेज के बी-वॉक विषय के पांचवें सेमेस्टर में पहुंच चुके छात्रों का अभी महज पहले सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम आया है और उसमें भी सभी फेल कर दिए गए हैं।
बी-वॉक के विद्यार्थियों को एक-एक विषय में महज सिंगल डिजीट नंबर दिए हैं। बी-वॉक के पहले सेमेस्टर के परिणाम में बिजनेस कम्यूनिकेशन और लेखांकन विषय में छात्रों को महज एक-एक डिजीट के नंबर दिए हैं। इनमें से कई छात्र बिजनेस कम्यूनिकेशन तो कई लेखांकन में फेल कर दिए गए हैं। जिन छात्रों की परीक्षा बेहतर हुई थी, वह भी जून माह में आए इस परीक्षा परिणाम के बाद चौंक गए। हालांकि विश्वविद्यालय ने इन्हें रिअपियर का मौका दिया। उसका परिणाम भी नहीं आया है।
पांचवें सेमेस्टर में पहुंचने के बाद भी यह पहले सेमेस्टर के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उधर, बीसीए तृतीय वर्ष के 40 छात्रों से भी महज तीन ही छात्र पास हैं। जबकि 37 छात्रों को फेल कर दिया गया है। जो तीन छात्र पास हुए हैं उनके अंक भी पासिंग अंकों के हासिये पर ही दिए हैं। ऐसे में जिन छात्रों की परीक्षा बेहतर हुई थी वह तनाव में हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस त्रुटि को सही करने और इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में जब कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अंजू बता सहगल से फोन पर बात करना चाही तो उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया। वहीं बी-वॉक के प्राध्यापक अनिल कुमार ने कहा कि जून माह में छात्रों के एक-एक पेपर में सिंगल डिजीट नंबर आए थे। विश्वविद्यालय की ओर से थियोरी के अंक नहीं जोड़े गए थे। इसके बाद रिअपीयर के पेपर हुए हैं। उसका परिणाम अभी नहीं आया है।