मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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हमीरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तकनीकी विश्वविद्यालय की मांगों को लेकर मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के गेट पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मार्कंडा तकनीकी विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रमों को नॉन टेक्निकल बताकर प्रदेश सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। वे तकनीकी विश्वविद्यालय में लंबे समय से चल रही समस्याओं से पल्लू झाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। तकनीकी विवि परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं की क्रमिक भूख हड़ताल 28वें दिन भी जारी रही।
पुराने कार्यकर्ताओं के बाद अब क्रमिक भूख हड़ताल पर प्रदेश कार्यसमिति सोनाली और बड़सर इकाई संयोजक निष्ठा बैठे हैं। उपायुक्त कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक प्रदेश के एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रति कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सरकार के नुमाइंदों को महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में घुसने नहीं देगी तथा उनकी घेराबंदी करेगी।
इकाई अध्यक्ष महेश कुमार ने कहा कि पिछले 4 वर्षों से तकनीकी विश्वविद्यालय को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलनरत है। वहीं हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति, शिक्षक तथा गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्ती, यूजीसी 12-बी अधिनियम में शीघ्र लाया लाए, छात्रों से वसूली जाने वाली भरी भरकम फीस को जल्द से जल्द कम किया जाए, तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रतिवर्ष कम से कम 50 करोड़ का अनुदान दिया जाए।
विश्वविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को लेकर पिछले 27 दिनों से कड़कती ठंड में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। परंतु प्रदेश सरकार तकनीकी विश्वविद्यालय को लेकर कुंभकरण की नींद सोई हुई है। यह प्रदेश सरकार का तकनीकी विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षा के प्रति गैर जिम्मेदार रवैया को दर्शाता है।