हिमाचल के रास्ते चीन सीमा तक सेना, आईटीबीपी की पहुंच अब और आसान हो जाएगी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश के सामरिक महत्व के पांच पुलों का शनिवार को ऑनलाइन लोकार्पण किया। बर्फबारी प्रभावित किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सीमा सड़क संगठन ने पुलों को दो साल में तैयार किया है।
एनएच-3 पर मनाली-सरचू सड़क, एनएच-5 पर पोवारी-पूह-खाब-नामज्ञा-चुप्पन-शिपकिला सड़क, एनएच-505 पर खाब-समदो-काजा-ग्रांफू सड़क पर इन पुलों का निर्माण किया गया है। इन पुलों में मुन्नी क्षेत्र में 40 मीटर, भागा में 30, डोगरी में 65, हबसर में 50 और शलखर क्षेत्र में 45 मीटर लंबे पुल बीआरओ ने बनाए हैं। मनाली-सरचू मार्ग पर बने पुल से लद्दाख तक पहुंचना आसान होगा।
इन पुलों से सेना और आईटीबीपी के जवानों के लिए जहां रसद और जरूरत का सामान पहुंचाना आसान होगा, वहीं, किन्नौर जिले सहित काजा के लोगों को भी लाभ होगा। इन पुलों से भारी-भरकम मशीनों और सेना के वाहनों को आने-जाने में परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। शलखर पुल बनने से किन्नौर व काजा के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। लोकार्पण कार्यक्रम में 136(आई) ब्रिगेड के ब्रिगेडियर आरपी सिंह, 20 कुमाऊं रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रवीन जोशी, ओसी समदो राजकुमार प्रकाश, कमांडिंग ऑफिसर 17 जाट रेजिमेंट कर्नल आशीष सजगोत्रा, आईटीबीपी की 43वीं वाहिनी के उप सेनानी अजय कुमार, कैप्टन सपंदना मौजूद रहे।
सिक्किम में सीमा सड़क संगठन द्वारा आयोजित एक समारोह में रक्षा मंत्री ने 22 सड़कों, 51 पुलों और 02 अन्य विविध परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण सबसे दुर्गम इलाकों में चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थिति में किया गया है। इन परियोजनाओं के उद्घाटन में हिमाचल प्रदेश में मुन्नी (40 मीटर), भागा (30 मीटर), डोगरी (65 मीटर), हबसर (50 मीटर) और शालखर-11 (45 मीटर) पर एनएच-3 (रोड मनाली-सरचू), एनएच-5 (रोड पोवारी-पूह-खाब-नामगिया-चुप्पन-शिपकिला) और एनएच-505 (रोड खाब-सुमडो-काजा-ग्रामफू) पर पांच पुलों का निर्माण शामिल है। उद्घाटन हाइब्रिड मोड में किया गया।
राज्यपाल ने भारत-चीन सीमा तक सैनिकों और उपकरणों की तेजी से पहुंच की सुविधा के लिए इन रणनीतिक सड़कों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुलों के निर्माण से स्थानीय लोगों को क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी। उन्होंने दुर्गम इलाकों में बीआरओ की कड़ी मेहनत की भी सराहना की।
राज्यपाल शुक्ल ने कहा कि बीआरओ ने राज्य में इन महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा किया है और इनमें से कई परियोजनाओं का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके एक ही कार्य सत्र में किया गया है। इन परियोजनाओं में से राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, बीआरओ के मुख्य अभियंता परियोजना दीपक राजीव कुमार और बीआरओ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी राजभवन में मौजूद थे।