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जिला पुस्तकालय की समयसारिणी से युवा नाराज

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एसडीएम नवीन तनवर से मिलने जाने से पहले जिला लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों का प्रनिधिमंडल। - फोटो : Chamba
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चंबा। जिला पुस्तकालय को खोलने और बंद करने के समय को लेकर युवा वर्ग ने नाराजगी जाहिर की है। युवाओं का कहना है कि शनिवार से समयसारिणी अनुसार जिला पुस्तकालय सुबह दस से लेकर सायं पांच बजे तक ही खुलेगा।
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ऐसे में महाविद्यालय और अन्य संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने वाले युवाओं समेत कामकाज करने वाले युवाओं को सायंकाल में लाइब्रेरी का लाभ नहीं मिलेगा। इस समस्या को लेकर युवक-युवतियां उपमंडलाधिकारी नागरिक चंबा से मिले।
उन्होंने ज्ञापन सौंप कर एसडीएम से जिला पुस्तकालय में अतिरिक्त कर्मचारी की डेपुटेशन पर ड्यूटी लगाने और पुस्तकालय खोलने और बंद करने का समय पहले की तरह ही सुबह आठ से सायं आठ बजे तक करने का आह्वान किया, जिससे सही मायने में जिला पुस्तकालय का युवाओं को लाभ मिल सके। एसडीएम ने युवाओं की समस्या का उचित समाधान करने का आश्वासन दिया।
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नहीं मिलेगा किताबें पढ़ने का मौका : सोमदत्त
विद्यार्थी सोमदत्त ने कहा कि वह महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हैं। दोपहर के समय कक्षाएं लगने से देरशाम पांच बजे के बाद ही जिला पुस्तकालय में किताबें पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, अब समयसारिणी में हुए बदलाव से वे इससे वंचित रह जाएंगे।
समस्या का किया जाए समाधान : मनीषा
मनीषा शर्मा ने कहा कि जिला पुस्तकालय में दो कर्मचारी तैनात हैं। एक कर्मी के अवकाश पर होने पर दूसरा कर्मी पुस्तकालय खोलता है लेकिन, अब एक कर्मी के मेडिकल लीव पर होने और एक मात्र कर्मचारी के ड्यूटी पर होने से समस्या हुई है, जिसका समाधान समय पर होना अनिवार्य है।
विद्यार्थियों को भी होगी दिक्कत : चीनू
चीनू देवी ने कहा कि पुस्तकालय में स्टाफ की कमी है। पहले डेपुटेशन पर एक अतिरिक्त कर्मी पुस्तकालय में तैनात किया गया था। इससे पहले इस प्रकार की समस्या नहीं रही। अब विद्यार्थियों को दिक्कत होगी।
कैसे करेंगे लिखित परीक्षा की तैयारी : अनूप
अनूप कुमार ने कहा कि पुलिस भर्ती में जहां युवा ग्राउंड टेस्ट पास कर आए हैं। लिखित परीक्षा की तैयारी सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी वे पुस्तकालय पहुंचते हैं। लेकिन, समयसारिणी में बदलाव से वे परीक्षाओं की तैयारी करने से वंचित रह जाएंगे। जिला पुस्तकालय में पुरुष कर्मचारी की तैनाती की जाए।
पुस्तकालय में स्टाफ की कमी : मनोज
युवा मनोज कुमार ने कहा कि जिला पुस्तकालय में स्टाफ की कमी है। स्टाफ की कमी के कारण कई बार जिला पुस्तकालय खुलता है और कई बार बंद रहता है। इसका नुकसान पढ़ाई करने के लिए मुख्यालय सहित आसपास के गांवों से पहुंचने वाले युवाओं को ही उठाना पड़ रहा है।
युवाओं की बढ़ी मुश्किलें : राकेश
युवा राकेश ठाकुर ने कहा कि पहले जिला पुस्तकालय सुबह आठ बजे खुलता और सायं आठ बजे बंद होता था। इससे पढ़ाई करने में भी दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन, अब समयसारिणी में बदलाव कर सुबह दस से सायं पांच बजे किया जाना उनकी मुसीबतों को बढ़ा रहा है।
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