शहर में नो एंट्री जोन में दो घंटे पर पाबंदी को लेकर व्यापार मंडल ने प्रशासन की बात मान ली है। अब आगामी दस दिनों तक शाम छह बजे के बाद अस्पताल मार्ग पर कोई भी वाहन खड़ा नहीं हो पाएगा। इसे प्रशासन ने ट्रायल के तौर पर चलाने का फैसला किया है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो दस दिन के बाद इस फैैसले को नियमित कर लिया जाएगा।
शुक्रवार को प्रशासन, कारोबारियों और अन्य शहरवासियों की मौजूदगी में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में नो एंट्री जोन को लेकर कारोबारियों ने ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि इसका असर उनके व्यवसाय पर पड़ेगा। नो एंट्री की वजह से ग्राहक सामान खरीदने नहीं आएंगे। यदि प्रशासन अस्पताल मार्ग को नो एंट्री बनाना चाहता है तो पहले शहर में खरीदारी करने वालों के लिए पार्किंग का बंदोबस्त करे। इस पर जवाब देते हुए उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि शहर में नई पार्किंग के लिए समय लगेगा। फिलहाल जो विकल्प मौजूद हैं उनका ही इस्तेमाल करके वाहनों को थामने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बाजार के निकटवर्ती मोहल्ले चौगान वार्ड, चरपट मोहल्ला और कसाकड़ा के लोगों को पास वितरित किए जाएंगे। इन पास की मदद से यह लोग अपनी गाड़ियों की एंट्री करवा पाएंगे। कसाकड़ा को वन-वे ही रखा जाएगा लेकिन इससे स्कूली बच्चों और जरूरतमंद लोगों को तकलीफ न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल के बाहर तयशुदा वाहनों से ज्यादा गाड़ियां खड़ी नहीं होंगी और अस्पताल स्टाफ को अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करनी पड़ेंगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के ओपीडी भवन के भूतल में बनी पार्किंग को चिकित्सक इस्तेमाल कर सकते हैं। उधर, व्यापार मंडल के अध्यक्ष विरेंद्र महाजन समेत अन्य ने प्रशासन की ट्रायल के आधार पर नो एंट्री को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि कारोबारी दस दिन तक इसे अभ्यास के तौर पर लेंगे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विरेंद्र तोमर, एडीएम शुभकरण सिंह, एसडीएम बचन सिंह समेत नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर, उपाध्यक्ष मोहित ढल्ल, पार्षद अंजलि मल्होत्रा, मनेंद्र पुरु, धीरज बड़ियाल, सीमा कश्यप, एससी नैय्यर, पीसी ओबराय, आरके महाजन, महाराज कृष्ण बडियाल समेत अन्य मौजूद थे।