आरोपियों से बरामद जानवरों के अवशेष
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चंबा के जंगलों से मेपल ट्री (विशेष प्रजाति की लकड़ी) की चीन में हो रही तस्करी का भंडाफोड़ करने के बाद वन विभाग ने अब वन्य प्राणियों के अवशेषों की तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। वन विभाग की टीम ने पर्यटन स्थल खज्जियार में महाराष्ट्र के दो लोगों को वन्य प्राणियों के अवशेषों के साथ पकड़ा। ये लोग इन्हें सैलानियों और स्थानीय लोगों को मुंह मांगे दामों पर बेच रहे थे। वन विभाग ने इन लोगों से चार हत्था जोड़ी यानी जंगली बड़ी छिपकली के अवशेष बरामद किए हैं। इसके अलावा जंगली सुअर के दांत, कस्तूरी मृग की कस्तूरी सहित अन्य वन्य प्राणियों के अवशेष बरामद किए।
टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों ने वन्य जीवों के ये अवशेष चंबा के जंगलों में शिकार कर हासिल किए या किसी दूसरे राज्य से बेचने के लिए चंबा लाए। हालांकि, जिन जंगली जानवरों के अवशेष बरामद हुए हैं, उनका शिकार नहीं किया जा सकता। कस्तूरी मृग दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में शामिल हैं। जिले के कुगति और पांगी के जंगलों में कुछ समय पहले देखने को मिले थे। ऐसे में विभाग इन लोगों से गहनता से पूछताछ कर रहा है। इतना ही नहीं, पकड़े गए लोगों के मोबाइल फोन में वन्य जीवों के मीट सहित अन्य अंगों के फोटो भी मिले हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार यह गिरोह बाहरी राज्यों के तस्करों के साथ मिलकर चंबा में भी वन्य जीवों के अंग बेचने का अवैध धंधा कर रहा था।
कोट
खज्जियार में दो लोग काफी समय से जड़ी-बूटी बेचने का धंधा कर रहे थे। इनके पास वन्य जीवों के अवशेष लोगों को बेचने की सूचना उन्हें मिली थी। इसके चलते विभाग ने उनके ऊपर नजर रखी हुई थी। दो दिन पहले रात के समय खज्जियार के पास गेट में नाके के दौरान दोनों लोग विभागीय टीम के हत्थे चढ़े। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है-
कृतज्ञ कुमार, वन मंडल अधिकारी चंबा