चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता महात्मा जय लाल ने की।
सत्संग का शुभारंभ आरती वंदना से किया गया। इस मौके पर दूरदराज के गांवों कस्बों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। महात्मा जय लाल ने अपने सार गर्भित प्रवचनों से साध-संगत को भाव विभौर करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है। चौरासी लाख योनियां भोगने के बाद सर्वोत्तम मनुष्य योनि प्राप्त होती है। इस योनि में ही मनुष्य परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है। कहा कि इस देह में मनुष्य की बुद्धि इतनी चेतन होती है कि वह अपने निज स्वरूप परमपिता परमात्मा की पहचान कर लेती है और रूह आवागमन के चक्र से रहित हो जाती है। आज संसार में लोग अज्ञानता के कारण परमात्मा को कहीं पहाड़ों में ढूंढ रहे हैं तो कहीं मैदानों में तलाश रहे हैं, जबकि इन सब चीजों से परमात्मा मिलने वाला नहीं है। सत्संग के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह जानकारी सेवादार विनोद कुमार ने दी। संवाद