बर्फबारी के बाद चुराह के टिकरीगढ़ में घर की छत से बर्फ हटाते लोग।
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चंबा। जिले में मौसम की मार ने लोगों की दुश्वारियों को बढ़ा दिया है। मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के कारण तीन मकान और दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण अब प्रभावित परिवारों को पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ी है। शुक्रवार को 563 ट्रांसफार्मर बंद होने से दर्जनों गांवों में अंधेरा ही पसरा रहा। इस कारण लोगों को ठंड में ठिठरते हुए ही रात गुजारनी पड़ी। उपमंडल भरमौर के 27 मार्गों सहित जिले में 88 सड़कों पर वाहनों के पहिये थम गए हैं। भारी बर्फबारी के बीच एचआरटीसी के 40 रूट प्रभावित होने से 26 बसें देर शाम तक विभिन्न रूटों पर फंसी रहीं। कुल मिलाकर भारी बर्फबारी ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है।
मूसलाधार बारिश और भारी बर्फबारी के कारण उपमंडल सलूणी के अधीन आते खनवाड़ा निवासी परस राम, उपमंडल चंबा के हबड़ मुहाल कियाणी निवासी रविंद्ररा पत्नी प्रकाश और चुराह उपमंडल निवासी शुभद्रा पत्नी परसराम गांव रजौली का कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, उपमंडल सलूणी के बनेटू निवासी रोशन लाल और चुराह निवासी बशीर मोहम्मद पुत्र नूर मोहम्मद निवासी डांड की गोशाला भी मूसलाधार बारिश और बर्फबारी की भेंट चढ़ गई। गनीमत, यह रही कि मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आवाज सुनकर परिवार के लोग घरों से बाहर खुली जगह के लिए भाग गए। अन्यथा मानवीय क्षति भी हो सकती थी। वहीं, भरमौर-पठानकोट एनएच मैहला के पास भूस्खलन के कारण अल सुबह से दोपहर तक यातायात के लिए बंद रहा। दोपहर बाद एनएच को विभागीय मशीनरी व मेन पावर ने वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करवाया। देरशाम छह बजे से सुबह सात बजे तक भरमौर-पठानकोट एनएच वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। शुक्रवार को 88 मार्गो पर वाहनों के पहिए थम गए। भारी बारिश और बर्फबारी के कारण 84 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिस कारण लोगों को अपने व मवेशियों के लिए पानी लाने के लिए मीलों का सफर तय करना पड़ रहा है।
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एनएच मंडल चंबा के सहायक अभियंता विपुल पुंज ने बताया कि मैहला के पास सुबह के समय यातायात के लिए एनएच बंद रहा। जिसे दोपहर के समय यातायात के लिए बहाल करवाया गया। कहा कि प्रशासनिक आदेशानुसार अब एनएच शाम छह बजे से सुबह 7 बजे तक बंद रहेगा।
आरएम चंबा राजन जमवाल ने बताया कि भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से 40 रूट बाधित होने से देरशाम तक 26 बसें विभिन्न रूटों पर फंसी रहीं। इससे एचआरटीसी चंबा डिपो को 2 लाख के करीब नुकसान हुआ है।
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उपायुक्त चंबा ने बताया कि जिला में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण होने वाले नुकसान का आकलन तैयार करवाया जा रहा है। कहा कि लोगों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान को लेकर पहले ही बेवजह घरों से बाहर न निकलने को लेकर आगाह किया गया है।